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जयपुर।
प्रदेश में चुनावी साल चलते जिलों को एक से बढ़कर एक सौगातों की घोषणा हो रही है। हाल ही में डूंगरपुर के दौरे के दौरान सीएम राजे ने 46 करोड़ रुपए सड़क कार्यों के लिए ख़र्च करने की घोषणा की है और अब प्रदेश के राजसमंद शहर को भी पेयजल के कार्यों के लिए 337 करोड़ रुपयों की नई सौगात मिली है। देखना ये है कि ये सौगातें चुनाव से पहले पूरी हो पाएंगी या नहीं।
गौरतलब है कि राजस्थान में इसी साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे है और बीजेपी की चुनावी रणनीति के तहत मुख्य नेता और मंत्री राजस्थान के दौरे पर हैं और वोट बैंक मजबूत करने का काम कर रहे हैं। ऐसे में कई जिलों में इस वर्ष करोड़ो रुपयों के कार्यों की घोषणा की गई है।
इन्हीं चुनावी दौरों के चलते मंगलवार को उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने जिला कलेक्टर कार्यालय के सभागार में राजस्थान अर्बन इन्फास्ट्रक्चर डवलपमेन्ट प्रोग्राम (RUSDP) की फेज फार्थ के राजसमन्द के लिए पेयजल आपूर्ति और वेस्ट वाटर सिस्टम के लिए बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को सम्बोधित कर रही थी। माहेश्वरी ने कहा कि रुडीप के तहत किए जाने वाले पेयजल आपूर्ति और वेस्ट वाटर सिस्टम के लिए किए जाने वाले कार्यो को उच्च गुणवत्तापूर्ण और व्यवस्थित तरीके से किए जाए, जिससे आगामी समय में पूरी होने वाली योजना का लाभ जनता को मिल सके।
पेयजल आपूर्ति के लिए 129 करोड़ रुपए और वेस्ट वाटर सिस्टम के लिए 208 करोड़ रुपए
बैठक में मंत्री माहेश्वरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत किए जाने वाले कार्यो को उच्च गुणवत्तापूर्ण और अच्छी प्रकार से सम्पादित किए जाए। बैठक में अधिकारियों को यह भी सुुझाव दिए कि जिसे उच्च स्तर पर रखा जाए कि इस योजना के तहत जो एजेन्सी कार्य करेंगी उसे ही कम से कम 3 साल तक इसकी मेन्टेनेन्स वही एजेन्सी करें जो इसका निर्माण करेंगी। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि भराई व कम्पेक्शन का कार्य उचित प्रकार से हो और रेवेन्यू, बीलिंग नगर परिषद द्वारा किया जाये जिससे कि नगर निकाय को इसकी आय हो और बाद में वे ही इसके मेन्टेनेन्स का कार्य भविष्य में करेगी ।
शहर में 3 जोन के तहत होंगे कार्य- यह होगा खाका
योजना केे लिए राजसमंद शहर के लिए 3 जोन मेें डिवाईड कर पाईप लाईन और सीवरेज लाईन के कार्य होंगे इसमें 2018 से कार्य शुरू होगा। जिसमें बेस ईयर 2021 को माना जाएगा। इस योजना की डिजाईनिंग अवधि 30 साल और भविष्य में पेयजल की आवश्यकता और वेस्ट वाटर के सिस्टम के लिए कार्य किया जाएगा।
इस योजना में मरम्मत की अवधि 10 साल की होगी इसमें राजसमन्द के 35 वार्ड और लगभग 31 एस किमी. का दायरा इस योजना क्षे़त्र के अन्तर्गत होगा। जिसमें ग्रास वाटर डिमान्ड 2021 के अनुसार 13.81 एम.एल.डी पानी की आवश्यकता होगी। इसके तहत 2 पम्पिंग स्टेशन सीवरेज के तहत बनाए जाएंगे जिसके लिए भूमि चिन्हीत कर कार्य किया जाएगा।
Published on:
17 Jul 2018 06:43 pm
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