
राजस्थान की राजनीति का अगला बड़ा पड़ाव राज्यसभा चुनाव होने जा रहा है। 21 जून 2026 को प्रदेश से राज्यसभा के तीन दिग्गज सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। विधानसभा की 200 सीटों के वर्तमान समीकरणों के आधार पर भाजपा इन तीन में से दो सीटों पर अपनी जीत सुनिश्चित मान रही है, जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की उम्मीद है। हालांकि, उम्मीदवारों के चयन को लेकर दोनों ही खेमों में भारी उठापटक और गुणा-भाग शुरू हो गया है।
जून में रिटायर होने वाले चेहरों में दिल्ली से लेकर राजस्थान तक की राजनीति को प्रभावित करने वाले नाम शामिल हैं।
राजस्थान विधानसभा की 200 सीटों के मौजूदा गणित के अनुसार, एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए लगभग 51 प्रथम वरीयता के मतों की आवश्यकता होती है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि रवनीत सिंह बिट्टू को पार्टी फिर से मौका दे सकती है। वहीं, दूसरी सीट के लिए भाजपा 2023 विधानसभा चुनाव में हार चुके लेकिन बड़े जनाधार वाले नेताओं पर दांव खेल सकती है।
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवार का अंतिम फैसला हाईकमान करेगा। हालांकि, पार्टी के भीतर एक बड़ा धड़ा अल्पसंख्यक उम्मीदवार उतारने का दबाव बना रहा है।
भाजपा की कोशिश है कि वह राजस्थान की अधिकतम सीटों पर कब्जा कर उच्च सदन में एनडीए (NDA) की स्थिति और मजबूत करे। वहीं, कांग्रेस अपनी इकलौती सीट बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।
Published on:
09 Mar 2026 11:50 am
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