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रक्षाबंधन पर दिन में नहीं रात को बंधेंगी राखी, दिनभर भद्रा का साया, 7 मिनट का यह रहेगा श्रेष्ठ मुहूर्त

Raksha Bandhan 2023: रक्षा बंधन का त्योहार 30 अगस्त को मनाया जाएगा। हालांकि इस दिन दिनभर भद्रा का साया होने से रात 9 बजकर 02 मिनट बाद ही राखी बांधने का मुहूर्त रहेगा। जबकि शहर के आराध्य गोविंददेवजी सहित अन्य मंदिरों में दूसरे दिन राखी बंधेंगी।

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रक्षाबंधन पर दिन में नहीं रात को बंधेंगी राखी, दिनभर भद्रा का साया, 7 मिनट का यह रहेगा श्रेष्ठ मुहूर्त

रक्षाबंधन पर दिन में नहीं रात को बंधेंगी राखी, दिनभर भद्रा का साया, 7 मिनट का यह रहेगा श्रेष्ठ मुहूर्त

जयपुर। रक्षा बंधन का त्योहार 30 अगस्त को मनाया जाएगा। हालांकि इस दिन दिनभर भद्रा का साया होने से रात 9 बजकर 02 मिनट बाद ही राखी बांधने का मुहूर्त रहेगा। जबकि शहर के आराध्य गोविंददेवजी सहित अन्य मंदिरों में दूसरे दिन राखी बंधेंगी। शहर में कुछ घरों में दूसरे दिन सुबह राखी बांधी जाएगी।

श्रावण पूर्णिमा 30 अगस्त को सुबह 10.59 बजे शुरू होगी, जो 31 अगस्त को सुबह 7 बजकर 06 मिनट तक रहेगी। इस बार रक्षाबंधन के दिन 30 अगस्त को पूर्णिमा के साथ ही सुबह 10.59 बजे भद्रा शुरू हो जाएगी, जो रात 9.02 बजे तक रहेगी। रक्षाबंधन के दिन दिनभर भ्रदा का साया रहने से रात को ही राखी बांधने का मुहूर्त रहेगा। रात 9 बजकर 02 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 28 मिनट तक राखी बांधी जा सकेगी। इस बार सिर्फ 3 घंटे 26 मिनट ही राखी बांधने के लिए मिलेंगे।

प्रदोष व्यापिनी भद्रा रहित पूर्णिमा को ही रक्षाबंधन
ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन का पर्व अपराह्न व्यापिनी व प्रदोष व्यापिनी भद्रा रहित पूर्णिमा में मनाने का विधान है। 30 अगस्त को पूर्णिमा तिथि सुबह 10 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी, लेकिन इसके साथ ही भद्रा शुरू हो जाएगी, भद्रा रात 9 बजकर 02 मिनट तक रहेगी। भद्रा रहित अपराह्न व्यापिनी त्रि मुहूर्ती पूर्णिमा में रक्षाबंधन मनाने का विधान है। 31 अगस्त को पूर्णिमा तीन मुहूर्त्त से कम होने के कारण रक्षाबंधन त्योहार 30 अगस्त को मनाया जाएगा।

दूसरे दिन भी बांधी जा सकेगी राखी
ज्योतिषाचार्य डॉ. विनोद शास्त्री का कहना है कि भद्रा में राखी नहीं बांधी जा सकती है। इस बार 30 अगस्त को रात 9.02 बजे तक भद्रा रहेगी। ऐसे से व्यावहारिक दृष्टि से देखे तो रात को राखी बांधना संभव नहीं हो तो दूसरे दिन 31 अगस्त को भी पूर्णिमा होने से श्रवण पूजन कर राखी बांधी जा सकती है।

सुबह भी बांध सकते हैं राखी
ज्योतिषाचार्य पं. चन्द्रशेखर शर्मा का कहना है कि श्रावण शुक्ल चतुर्दशी युक्त पूर्णिमा पर 30 अगस्त को सुबह 10.59 बजे से रात 9.02 बजे तक पृथ्वी लोक की अशुभ भद्रा रहेगी। ऐसे में भद्रा को टालकर रात 9.02 बजे के बाद मध्यरात्रि 12.28 बजे तक राखी बांधी जा सकती है। आवश्यकता हुई तो इस दिन सुबह 06.09 बजे से सुबह 9.27 बजे तक भी बांध सकते है।

रक्षाबंधन पर भद्रा का समय
भद्रा शुरू — सुबह 10.59 बजे
भद्रा पूंछ काल - शाम 5.30 - शाम 6.31 बजे
भद्रा मुख - शाम 6.31 बजे से रात 8.11 बजे
भद्रा का अंत - रात 9.02 बजे

राखी बांधने का श्रेष्ठ मुहूर्त
— राखी बांधने के लिए प्रदोष काल मुहूर्त रात 9.02 बजे से 9.09 बजे तक श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा।
— रात 9 बजकर 02 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 28 मिनट तक राखी बांधी जा सकेंगी।

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श्रावणी उपाकर्म 30 अगस्त को ही
शुक्ल यजुर्वेदीय लोग श्रावणी उपाकर्म 30 अगस्त को ही कर सकेंगे। उपाकर्म में भद्रा दोष नहीं लगता। ऐसे में 30 अगस्त की सुबह 10:59 बजे बाद श्रावणी उपाकर्म के तहत दशविध स्नान सहित अन्य आयोजन होंगे।