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Raksha Bandhan 2023: 700 साल बाद रक्षाबंधन पर पंच महायोग, भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां

Raksha Bandhan 2023: इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 30 और 31 अगस्त दोनों दिन मनाया जायेगा। दरअसल रक्षाबंधन पर भद्रा के साए के चलते त्योहार दो तिथियों में बंट गया है। ऐसे में भद्रा काल 30 अगस्त को सुबह पूर्णिमा तिथि के साथ आरंभ हो जाएगा और रात 9 बजरकर 2 मिनट तक रहेगा, हालांकि रक्षाबंधन पर बन रहे कई शुभ योग त्योहार का महत्व भी बढ़ाएंगे।

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Raksha Bandhan 2023: इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 30 और 31 अगस्त दोनों दिन मनाया जायेगा। दरअसल रक्षाबंधन पर भद्रा के साए के चलते त्योहार दो तिथियों में बंट गया है। ऐसे में भद्रा काल 30 अगस्त को सुबह पूर्णिमा तिथि के साथ आरंभ हो जाएगा और रात 9 बजरकर 2 मिनट तक रहेगा, हालांकि रक्षाबंधन पर बन रहे कई शुभ योग त्योहार का महत्व भी बढ़ाएंगे।

700 साल बाद बना पंच महायोग
ज्योतिष गणना के अनुसार, रक्षाबंधन पर 700 साल बाद पंच महायोग बनने जा रहा है। 30 अगस्त को सूर्य, बुध, गुरु, शुक्र और शनि ग्रह पंच महायोग का निर्माण करने जा रहे हैं। ग्रहों की ऐसी स्थिति बुधादित्य, वासरपति और शश योग भी बनाएगी। ज्योतिषविदों का कहना है कि ऐसी शुभ दशा में राखी बांधने का शुभ फल कई गुना बढ़ सकता है।
यह भी पढ़ें : रक्षाबंधन पर दिन में नहीं रात को बंधेंगी राखी, दिनभर भद्रा का साया, 7 मिनट का यह रहेगा श्रेष्ठ मुहूर्त

30 या 31 किस दिन राखी बांधना शुभ?
इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 30 और 31 अगस्त दोनों तिथियों पर मनाया जा सकता है। इसमें केवल भद्रा काल की अवधि का ख्याल रखते हुए भाई को राखी बांधनी होगी। अगर आप 30 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने वाले हैं तो रात 9 बजकर 2 मिनट पर भद्रा समाप्त होने के बाद ही भाई को राखी बांधें यदि आप 31 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने वाले हैं, तो सुबह 7 बजकर 5 मिनट से पहले भाई की कलाई पर राखी बांधे, इसके बाद सावन पूर्णिमा के साथ ही रक्षाबंधन का त्योहार समाप्त हो जाएगा।

सबसे अच्छा मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाई की कलाई पर राखी बांधने का सबसे अच्छा समय 31 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त में रहेगा। इस दिन सुबह 4.26 से सुबह 5.14 तक ब्रह्म मुहूर्त है। इस बीच आप किसी भी समय भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।
यह भी पढ़ें : Rakshabandhan : रक्षाबंधन पर भद्रा का साया, गोविंददेवजी मंदिर जयपुर में 31 अगस्त को मनेगा राखी का त्योहार

भूलकर भी न करें ये गलतियां
1. भद्रा काल में न बांधें राखी
भद्रा काल में कभी राखी नहीं बांधनी चाहिए। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया रहेगा। भद्रा काल 30 अगस्त को सुबह पूर्णिमा तिथि के साथ आरंभ होगा और रात 9.02 बजे तक रहेगा।

2. उत्तर-पश्चिम दिशा
वास्तु के अनुसार, भाई को भूलकर भी उत्तर-पश्चिम दिशा में बैठकर राखी नहीं बांधनी चाहिए। इस दिशा में राखी बांधना अपशकुन होता है। राखी बांधते वक्त बहनों का चेहरा दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए, जबकि भाइयों को उत्तर-पूर्व दिशा की ओर देखना चाहिए।

3. न बांधें ऐसी राखी
बाजार में आजकल प्लास्टिक की राखियां भी बिकने लगी हैं. प्लास्टिक को केतु का पदार्थ माना गया है और इसे बदनामी का कारक माना जाता है। इसके अलावा, भाई को टूटी-फूटी या अशुभ चिह्नों वाली राखी बांधने से भी बचना चाहिए। अच्छी राखी न मिलने पर आप कलावा भी बांध सकती हैं।

4. ऐसे तोहफे न दें
ज्योतिषियों के अनुसार, रक्षाबंधन पर बहन को धारदार या नुकीली चीजें भेंट न करें। छुरी, कांटा, आइना या फोटो फ्रेम जैसी चीजें देने से बचें। बहन को रुमाल या जूते-चप्पल भी गिफ्ट न दें. ज्योतिष में बुध को बहनों का कारक माना गया है, इसलिए आप इससे जुड़ी चीजें दे सकते हैं।

5. काले रंग के कपड़े
रक्षाबंधन के दिन बहनों को भूलकर भी काले रंग के वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए। इनकी जगह लाल-पीले वस्त्र पहनना शुभ होगा।