
देवेन्द्र सिंह
जयपुर । रक्षाबंधन के दिन अक्सर भद्रा का साया रहने के कारण राखी बांधने को लेकर संशय रहता है, लेकिन इस बार भाई-बहन के अटूट स्नेह के प्रतीक रक्षाबंधन के पर्व पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। ज्योतिषियों की मानें तो इस बार तीन साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। रक्षा बंधन का पर्व 26 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन सुबह से प्रदोष काल तक रक्षा सूत्र बांधे जा सकेंगे।
रक्षाबंधन मुहूर्त
इस बार श्रावणी पूर्णिमा सुबह 6 बज कर 7 मिनट से शाम 5 बजकर 26 मिनट तक रहेगी। इसके चलते पूरे दिन राखी बांधी जा सकेगी। राखी बांधने के लिए सुबह सुबह 7:42 से दोपहर 12:54 बजे तक चर लाभ अमृत, दोपहर 12 से 12:51 तक अभिजीत, दोपहर 2 से 3:39 तक शुभ का मुहूर्त रहेगा। शाम 4:30 से 6:20 बजे तक राहु काल रहेगा। इसमें शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है। इसमें राखी बांधना सही नहीं माना जाता।
पूरे दिन मनेगा रक्षाबंधन
पूर्णिमा पर इस बार धनिष्ठा नक्षत्र है। धनिष्ठा पंचक का नक्षत्र है, लेकिन पंचक का विचार केवल अशुभ कार्यों में किया जाता है। शुभ कार्यों में इसका फल पांच गुना अधिक मिलता है। साथ ही इस बार रक्षाबंधन रविवार व कुंभ राशि पर आने से शुभ रहेगा। पर्व के सिंह के सूर्य में आने से इसकी शुभता और बढ़ गई है। इस बार खास बात यह है कि पूर्णिमा भी उदियात है। इसके चलते बहनें दिनभर राखी बांध सकेंगी। रक्षा बंधन के दिन ब्राह्मणों द्वारा श्रावणी उपाकर्म किए जाने का विधान है। यह क्रिया पवित्र नदी के घाट पर सामूहिक रूप से की जाती है।
रक्षाबंधन के दिन अक्सर भद्रा का साया रहने के कारण राखी बांधने को लेकर संशय की स्थिति रहती है। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। बहनें पूरे दिन में कभी भी रक्षा सूत्र बांध सकेंगी।
पं. सुरेश शास्त्री ज्योतिषाचार्य
Published on:
04 Aug 2018 02:02 pm
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