
Rama Ekadashi 2023: कार्तिक कृष्ण एकादशी गुरुवार को रमा एकादशी के रूप में मनाई जाएगी। इस मौके पर दान पुण्य के साथ ही भगवान विष्णु—लक्ष्मी की आराधना की जाएगी। मंदिरों में विशेष झांकियां सजेगी। ज्योतिषविदों के मुताबिक रमा एकादशी महालक्ष्मी का ही एक नाम है। ज्योतिषविदों के मुताबिक भगवान विष्णु को सभी व्रतों में रमा एकादशी का व्रत सबसे प्रिय है, पदम पुराण में भी इसका उल्लेख है। मानसरोवर, सीकररोड, सांगानेर सहित अन्य जगहों पर बाबा श्याम के दरबार सजाकर बाबा श्याम का गुणगान किया जाएगा। शहर आराध्य गोविंददेव जी मंदिर, अक्षयपात्र मंदिर, इस्कॉन मंदिर सहित अन्य मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई जाएगी।
ज्योतिषाचार्य पं.घनश्याम शर्मा और राजेंद्र शर्मा के मुताबिक गुरुवार के दिन होने से रमा एकादशी का महत्व विशेष रहेगा। कन्या राशि में शुक्र और चंद्रमा की युति से कलात्मक योग का निर्माण होगा। वहीं तुला राशि में सूर्य और मंगल विराजमान रहेंगें। ऐसे में ग्रहों का योग भी पर्व की महत्ता को खास बनाएगा। मां लक्ष्मी का नाम रमा होने के कारण इसे रमा एकादशी के नाम से जानते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है।
दीपदान करने पहुंच रहे हैं सैकड़ों भक्त
इधर दीपदान के लिए खास माने जाने वाले कार्तिक मास में हरे कृष्ण महामंत्र एवं दीपदान का विशेष महत्व है। जगतपुरा स्थित कृष्ण बलराम मंदिर में बड़ी संख्य में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान कृष्ण बलराम के नयनाभिराम विग्रह के दर्शन कर एवं दीपदान कर पुण्य प्राप्त कर रहे हैं। पूरे मंदिर परिसर को रंगबिरंगी बल्बों की झालरों से सजाया है। मंदिर में मुख्य संकीर्तन हाल में भगवान कृष्ण के बचपन की बाल-लीलाओं पर आधारित दामोदर स्वरूप की आकर्षक झांकी सजाई गई है।
1100 दीपक से होगी आरती
म्हारे घरा पधारो श्याम संस्था की ओर से मानसरोवर सेक्टर—113 स्थित श्याम पार्क में शाम सात बजे से बाबा श्याम का गुणगान किया जाएगा। 1100 दीपकों से आरती होगी। सीकर रोड, जगतपुरा, मालवीयनगर में स्थानीय श्यामसेवी संस्थाओं की ओर से बाबा श्याम का दरबार सजाकर ख्यातिनाम कलाकार बाबा श्याम का गुणगान करेंगे। इस मौके पर 56 भोग झांकी भी सजाई जाएगी।
Published on:
09 Nov 2023 08:33 am
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