
पूर्व मंत्री रमेश मीणा और विधायक मुरारीलाल मीणा ने साधा CM पर निशाना, पूछा ये सवाल...
अश्विनी भदौरिया/जयपुर. सरकार बचाने और गिराने के बीच अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों को लेकर बगावत पर उतरे विधायकों ने जवाब दिया। वीडियो जारी कर पूर्व मंत्री रमेश मीणा और विधायक मुरारी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि वे बताएं, जब हम दोनों बसपा छोड़कर कांग्रेस में आए थे तो कितने पैसे दिए थे? दोनों ने कहा कि नोटिस देकर डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हमारे संस्कार डरने वाले नहीं हैं। ऐसे में काफी हद तक यह भी साफ हो गया है कि अगले दो दिन में विधायक विधानसभा नहीं आएंगे।
नौकरशाही हावी, जनता के नहीं हो रहे काम
पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रलोभन और करोड़ों के लेनदेन की बात कही है। जबकि, हमने पूरी ईमानदारी के साथ काम किया है। सरकार पर नौकरशाही हावी है। जनप्रतिनिधियों के काम नहीं हो रहे। कैबिनेट की मीटिंग में इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन सीएम ने ध्यान नहीं दिया। जब हम बसपा से कांग्रेस में आए, उसके बाद हमारे साथ धोखा हुआ। हमारे क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हुए। पिछले कार्यकाल में विपक्ष में रहते हुए भी ईमानदारी से काम किया। इस बार हम पर गलत आरोप लगाए गए।
सीएम हमारी ईमानदारी की मिसाल देते थे
विधायक मुरारीलाल मीणा ने कहा कि जब हम बसपा से कांग्रेस में आए। उसके बाद मुख्यमंत्री अपने भाषणों में हमारी ईमानदारी की मिसाल देते थे। आज भ्रष्ट कैसे हो गए? यह स्वाभिमान की लड़ाई है। हमें विधायकी की चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों ने बढ़ी संख्या में कांग्रेस को वोट किया।
हम सभी ने एक आदिवासी को राज्यसभा भेजने की मांग की थी, उस पर भी सीएम ने ध्यान नहीं दिया। सीएम को जनता जादूगर कहती है। जिस तरह से उन्होंने हम सभी पर आरोप लगाए हैं, इससे सिद्ध होता है कि वे वास्तव में जादूगर हैं। जादूगर में भ्रम फैलाने की क्षमता होती है।
Updated on:
16 Jul 2020 08:24 am
Published on:
15 Jul 2020 10:38 pm
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