26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर

ramgarh bandh अगली बार अधिक ऊंचाई पर ड्रोन उड़ाने की योजना ! कृत्रिम बारिश देखने पहुंची भीड़, पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत

ramgarh bandh अगली बार अधिक ऊंचाई पर ड्रोन उड़ाने की योजना ! कृत्रिम बारिश देखने पहुंची भीड़, पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत

Google source verification

ramgarh bandh जयपुर के रामगढ़ बांध पर मंगलवार को कृत्रिम बारिश करवाने का डेमो तकनीकी खामी के चलते विफल रहा। ऐसे में घंटों के इंतजार के बाद लोगों को मायूस लौटना पड़ा। कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा और जमवारामगढ़ विधायक महेन्द्रपाल मीणा की मौजूदगी में डेमो हुआ। कार्यक्रम स्थल पर पूजा और हवन भी किए गए। इसके बाद डेमो के लिए ड्रोन को उड़ाया। हालांकि पहले प्रयास में ड्रोन उड़ ही नहीं पाया। फिर कुछ घंटों बाद दूसरा प्रयास किया तो ड्रोन कुछ ऊंचाई छूने के बाद बांध में नीचे की ओर चला गया और झाड़ियों में जाकर रूक गया। ड्रोन के झाडियों में रूकने पर आस पास में भीड़ एकत्रित हो गई व लोग फोटो व वीडियो बनाने लगे। पुलिस ने लोगों को हटाया और टीम के साथ ड्रोन को ऊपर लेकर आए।

बादलों की ऊंचाई अधिक होने से क्लाउड सीडिंग नहीं करवाई जा सकी

कुछ घंटे बाद तीसरी बार ड्रोन को फिर उड़ाया । इस बार ड्रोन सही उड़ा लेकिन बादलों की ऊंचाई अधिक होने से क्लाउड सीडिंग नहीं करवाई जा सकी। रामगढ़ बांध पर आयोजित कृत्रिम बारिश के डेमो कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्साह नजर आया। लोग सुबह 11 बजे से ही रामगढ़ बांध पहुंचने लगे और बांध की पाल व गुम्बद के पास सेल्फी लेते रहे। दोपहर होते होते हजारों लोग रामगढ़ बांध पहुंच गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

पुलिस को दो बार हल्का बल प्रयोग करना पड़ा

भीड़ के अनियंत्रित होने पर पुलिस को दो बार हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से यातायात जाम की स्थिति बन गई। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले कृषि मंत्री भी जाम में फंस गए। उन्हे भी बांध के भराव क्षेत्र के बीच से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचना पड़ा। कोई पेड़ पर चढ़ कर तो कोई भवनों और पहाड़ी पर चढ़ कर डेमो देखने का प्रयास करते नजर आया। पुराने भवन की छत पर क्षमता से ज्यादा भीड़ नजर आई। जिससे हादसे का खतरा बना रहा। कृत्रिम बारिश के डेमो के दौरान दो बार ड्रोन नहीं उड़ने के पीछे कम्पनी प्रतिनिधियों ने नेटवर्क की समस्या बताई।

स्वीकृति मिलने के बाद फिर ड्रोन उड़ाया जाएगा

कम्पनी प्रतिनिधियों ने बताया कि क्षमता से ज्यादा लोगों द्वारा नेटवर्क काम में लेने से ड्रोन के उड़ने में तकनीकी समस्या हो गई। भीड़ कम होने के बाद तीसरे प्रयास में ड्रोन आसानी से उड़ गया। जानकारी के मुताबिक तीसरे प्रयास में ड्रोन को 400 फीट उंचाई तक उड़ाया गया। बादल अधिक ऊंचाई पर थे। ड्रोन को उंचाई पर ले जाने की परमिशन नहीं थी जिसकी वजह से क्लाउड सीडिंग नहीं करवाई जा सकी। अब स्वीकृति मिलने के बाद फिर ड्रोन उड़ाया जाएगा।