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संसद में गूंजा रामगढ़ बांध, दीया कुमारी बोली 73 साल तक जिस बांध ने जनता की प्यास बुझाई वो 15 साल से खुद प्यासा

सांसद दीया कुमारी ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान रामगढ़ बांध की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए कहा कि जयपुर का रामगढ़ बांध पिछले पंद्रह साल से सूखा पड़ा है। इस बांध ने 73 साल तक जयपुर की प्यास को बुझाया था। रामगढ़ बांध को मृत देखकर मेरे मन में बहुत गहरी पीड़ा होती है।

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जयपुर

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Umesh Sharma

Sep 23, 2020

संसद में गूंजा रामगढ़ बांध, दीया कुमारी बोली 73 साल तक जिस बांध ने जनता की प्यास बुझाई वो 15 साल से खुद प्यासा

संसद में गूंजा रामगढ़ बांध, दीया कुमारी बोली 73 साल तक जिस बांध ने जनता की प्यास बुझाई वो 15 साल से खुद प्यासा

जयपुर।

सांसद दीया कुमारी ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान रामगढ़ बांध की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए कहा कि जयपुर का रामगढ़ बांध पिछले पंद्रह साल से सूखा पड़ा है। इस बांध ने 73 साल तक जयपुर की प्यास को बुझाया था। रामगढ़ बांध को मृत देखकर मेरे मन में बहुत गहरी पीड़ा होती है। पिछले पंद्रह सालों में कई बार अच्छी बरसातें हुई, लेकिन रामगढ़ बांध का पेट तो खाली ही रहा। मेरे पूर्वजों ने वर्षा जल की एक एक बूंद को सहेजने के हिसाब से बहुत ही पक्का इंतजाम किया था। सन् 1899 के भीषण छप्पनिया अकाल की पीड़ा को देखने के बाद महाराजा सवाईमाधोसिंह द्वितीय ने यह सबसे बड़ा बांध बनवाया था। पेयजल के अलावा 120 मील तक सिंचाई भी होती थी। रामगढ़ बांध कभी भी नहीं सूखा था, लेकिन 2005 में यह बांध पूरी तरह सूख कर मरने की कगार पर पहुंच चुका है।

1982 में हुई थी एशियाई नौकायन

दीया कुमारी ने बताया कि 1981 में बांध पर कई दिनों तक चादर चली और मोरिया खोलनी पड़ी थी। सन 1982 के एशियाई नौकायन में रामगढ़ का नाम दुनिया में मशहूर हुआ। बांध को खाली देख हमारे पूरे परिवार का मन व्यथित है। पुराने लोग बताते हैं कि कभी एक घंटे की वर्षा में बांध भर जाता था। न्यायालय ने भी प्रसंग ज्ञान लेकर पूरा दबाव बना रखा है। राज्य सरकार ने घोषणा पत्र में प्रत्येक घर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का वादा कर रखा है। ईसरदा बांध से रामगढ़ में पानी लाने की योजना भी बनी थी। उस योजना पर आज तक अमल नहीं हुआ। रामगढ़ बांध बड़े अभ्यारण से भी जुड़ा है। इसमें जल नहीं होने से विचरण करने वाले वन्यजीवों पर बहुत बड़ा संकट आया हुआ है।

कभी नहीं सूखा था बांध

दीया कुमारी ने कहा कि रामगढ़ बांध में चार तहसीलों जमवारामगढ़, शाहपुरा, आमेर, और विराट नगर इलाके से 700 वर्ग किलोमीटर तक के केचमेंट एरिया का पानी बाणगंगा सहित कई नदी नालो से आता था। पुराना रिकॉर्ड देखें तो बांध कभी भी नहीं सुखा था लेकिन 2005 में सूखा तब पता लगा कि इसके केचमेंट एरिया में और नदी नालों के बीच में कई फार्म हाउस, होटलें आदि बन गए हैं। इसकी वजह से पानी वहीं रुक रहा है। इस बार 10 इंच बरसात हुई फिर भी रामगढ़ में एक बूंद भी पानी नदी के द्वारा नहीं पहुंचा।