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Ranjeeta Sharma : UPSC में 5 बार फेल, स्वॉर्ड ऑफ ऑनर पाने वाली पहली महिला IPS, अब संभालेंगी दौसा की कमान

IPS Ranjeeta Sharma Success Story : जो लोग हार नहीं मानते हैं, सफलता उन्हें जरूर मिलती है। ऐसी ही कहानी है भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी रंजीता शर्मा की।

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IPS Ranjeeta Success Story

Ranjeeta Sharma : UPSC में 5 बार फेल, स्वॉर्ड ऑफ ऑनर पाने वाली पहली महिला IPS, अब संभालेंगी दौसा की कमान

IPS Ranjeeta Sharma Success Story : जो लोग हार नहीं मानते हैं, सफलता उन्हें जरूर मिलती है। ऐसी ही कहानी है भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी रंजीता शर्मा की। मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिले की रहने वाली रंजीता को राजस्थान के दौसा जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। पांच बार यूपीएससी परीक्षा में विफल होने के बाद भी आईपीएस रंजीता शर्मा की देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा पास करने की यात्रा प्रेरणादायक है। इस प्रतिभाशाली आईपीएस अधिकारी की कहानी विशेष रूप से उन लोगों के लिए प्रेरणादायक है जो जीवन में विफलताओं का अनुभव करने के बाद निराश हो जाते हैं और हार मान लेते हैं। रंजीता शर्मा आईपीएस एसोसिएशन की स्वॉर्ड ऑफ ऑनर अवॉर्ड पाने वाली पहली आईपीएस अधिकारी हैं। अपने जीवन में कई विफलताओं के बावजूद, उन्होंने अपने सपनों पर ध्यान केंद्रित करना चुना और अंतत: सफलता हासिल की जो दृढ़ता, आशा और समर्पण का प्रतीक बन गई।

एसवीपीएनपीए, हैदराबाद में प्रतिष्ठित दीक्षांत पासिंग आउट परेड का नेतृत्व किया
2021 में, आईपीएस रंजीता शर्मा को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में प्रतिष्ठित दीक्षांत पासिंग आउट परेड की कमान संभालने का सम्मान मिला। वह इस परेड की कमान संभालने वाली पांचवीं महिला बनीं।

काफी रोचक है सफलता की कहानी
रंजीता शर्मा की यूपीएससी यात्रा काफी रोमांचक है क्योंकि उन्होंने अपने छठे और अंतिम प्रयास में सफलता हासिल की। उन्हें लगातार विफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। रंजीता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह 2013, 2015 और 2017 में प्रीलिम्स भी क्वालिफाई नहीं कर पाईं। 2014 और 2016 में वह इंटरव्यू राउंड तक पहुंच गईं लेकिन फिर विफल रही।

आखिरकार, 2018 में उन्हें सफलता मिल ही गई और अपने गांव से आईपीएस अधिकारी बनने का सम्मान प्राप्त किया। आईपीएस रंजीता शर्मा हरियाणा के रेवाड़ी जिले के दहिना गांव की रहने वाली हैं। फरीदाबाद में जन्मी रंजीता भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से स्नातकोत्तर हैं। अपनी पहचान बनाने से पहले उन्होंने नौ साल तक पीआर क्षेत्र में काम किया। प्रतिष्ठित सिविल सेवाओं में शामिल होने के लिए उन्होंने एचआर की नौकरी छोड़ दी और सफलता के साथ इतिहास रचा।

स्वोर्ड ऑफ ऑनर, प्रशिक्षण अवधि के दौरान आईपीएस एसोसिएशन के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले प्रोबेशनर को दिया जाने वाला एक पुरस्कार है। अकादमी के इतिहास में उनसे पहले केवल पुरुष आईपीएस अधिकारियों को ही इस सम्मान से सम्मानित किया गया था। 2021 में पहली बार आईपीएस रंजीता शर्मा ने एक महिला आईपीएस अधिकारी के रूप में सम्मान हासिल कि या और परेड की कमान संभाली।