
RAS Shivakshi Khandal - File PIC
राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में बड़े स्तर पर प्रशासनिक सर्जरी और अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में भजनलाल सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 178 अधिकारियों के बंपर तबादले किए हैं।
तबादलों की सूची में कई हाई-प्रोफाइल नाम शामिल हैं। इस सूची का एक सबसे महत्वपूर्ण और सियासी रूप से चर्चित नाम आरएएस शिवाक्षी खांडल का है, जो लंबे समय से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और अलवर ग्रामीण से कांग्रेस विधायक टीकाराम जूली के निजी सचिव के तौर पर काम देख रही थीं।
कार्मिक विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, शिवाक्षी खांडल का स्थानांतरण अब सामान्य प्रशासन विभाग, जयपुर के अंतर्गत कर दिया गया है। वे अब जयपुर मुख्यालय में संपदा विभाग के उप निदेशक के रूप में अपने नए प्रशासनिक दायित्वों को संभालेंगी। उनके इस तबादले के बाद अब नेता प्रतिपक्ष के निजी सचिव का महत्वपूर्ण पद तकनीकी रूप से पूरी तरह खाली हो चुका है, जिस पर नई नियुक्ति जल्द होने की संभावना है।
शिवाक्षी खांडल राजस्थान कैडर की एक बेहद काबिल, अनुशासित और युवा प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखती हैं। वे मूल रूप से राजधानी जयपुर की ही रहने वाली हैं। शिवाक्षी ने जुलाई 2021 में RPSC आरएएस भर्ती परीक्षा-2018 में अपने जीवन के पहले ही प्रयास में संपूर्ण राजस्थान में ऑल इंडिया मेरिट के तहत तीसरी रैंक हासिल कर सबको चौंका दिया था।
शिवाक्षी खांडल की इस सफलता के पीछे एक ऐसा गहरा मानवीय और भावुक कर देने वाला पारिवारिक संघर्ष छिपा हुआ है, जो राजस्थान के हर युवा को जीवन में कभी हार न मानने की बड़ी प्रेरणा देता है।
जब शिवाक्षी अपनी आरएएस परीक्षा के अंतिम दौर यानी साक्षात्कारों की तैयारियों में दिन-रात जुटी हुई थीं और परीक्षा का परिणाम आने में मात्र 3 महीने का समय शेष बचा था, तभी अप्रैल 2021 में उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनके पिता मनोज कुमार शर्मा, जो स्वयं राजस्थान सरकार के मेडिकल डिपार्टमेंट में सहायक लेखाधिकारी (AAO) के पद पर कार्यरत थे, कोरोना महामारी (Covid-19) की दूसरी लहर के दौरान गंभीर रूप से संक्रमित हो गए और उनका आकस्मिक निधन हो गया।
पिता के अचानक चले जाने से पूरा परिवार गहरे सदमे में डूब गया था और शिवाक्षी के लिए उस मानसिक तनाव से बाहर निकलना बेहद कठिन था। लेकिन ऐसे अत्यंत नाजुक समय में उनकी माताजी और पूरे परिवार ने अपनी हिम्मत को बटोरा और शिवाक्षी को संबल दिया।
शिवाक्षी ने भी अपने दिवंगत पिता के उस अधूरे सपने को अपना एकमात्र लक्ष्य बना लिया, जिसमें वे अपनी बेटी को एक उच्च प्रशासनिक पद पर देखना चाहते थे। जुलाई 2021 में जब रिजल्ट आया, तो शिवाक्षी ने राजस्थान में तीसरा स्थान हासिल कर अपने दिवंगत पिता को एक सच्ची और ऐतिहासिक श्रद्धांजलि अर्पित की।
शैक्षणिक उपलब्धियों के मामले में भी शिवाक्षी खांडल शुरू से ही एक मेधावी छात्रा रही हैं। प्रशासनिक सेवा में आने से पूर्व उन्होंने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी योग्यता साबित की थी। उन्होंने राजस्थान के प्रतिष्ठित गवर्नमेंट महिला इंजीनियरिंग कॉलेज, अजमेर से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन ब्रांच में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी की डिग्री हासिल की है।
अपने कॉलेज के दिनों में भी वे पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहीं और अपनी पूरी इंजीनियरिंग ब्रांच में टॉपर चुनी गई थीं। एक पुराने साक्षात्कार में शिवाक्षी ने साझा किया था कि कॉलेज के दौरान मिलने वाले विभिन्न तकनीकी प्रोजेक्ट्स, वर्कशॉप्स और ग्रुप टास्क के कारण उनके भीतर नेतृत्व क्षमता और सार्वजनिक मंचों पर बोलने के आत्मविश्वास का विकास हुआ। इसी तकनीकी आत्मविश्वास और स्पष्ट नजरिए ने उन्हें आरएएस के मुख्य इंटरव्यू पैनल के सामने सटीक जवाब देने में सबसे बड़ी मदद की थी।
आरएएस में चयन होने के बाद मीडिया को दिए अपने विभिन्न बयानों में शिवाक्षी खांडल ने हमेशा एक संवेदनशील और जवाबदेह लोक सेवक बनने की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उनकी कार्यशैली के 3 मुख्य स्तंभ होंगे- अंत्योदय (समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ), जेंडर इक्वलिटी (लैंगिक समानता) और ईमानदार-पारदर्शी प्रशासन।
अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद आरएएस शिवाक्षी खांडल को राजस्थान के विभिन्न महत्वपूर्ण उपखंडों में उपखंड अधिकारी (SDO / SDM) के रूप में काम करने का एक बेहतरीन प्रशासनिक अनुभव प्राप्त है। वे पूर्व में अजमेर में उपखंड अधिकारी के पद पर तैनात रहकर अपनी प्रशासनिक कार्यकुशलता और सख्त कानून व्यवस्था के लिए स्थानीय जनता के बीच काफी लोकप्रिय रही थीं।
अजमेर के बाद उनकी योग्यताओं को देखते हुए उन्हें राज्य विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के निजी सचिव (PS) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस पद पर रहते हुए उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विधायी कार्यों के समन्वय, जनप्रतिनिधियों की समस्याओं के संकलन और सचिवालय के कामकाज को बखूबी संभाला। अब भजनलाल सरकार द्वारा किए गए इस नए फेरबदल के बाद वे जयपुर के संपदा विभाग में उप निदेशक के तौर पर सरकारी संपत्तियों के प्रबंधन और आवंटन से जुड़े कार्यों की कमान संभालेंगी।
Published on:
20 Jun 2026 04:38 pm
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