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मुझे कैरेक्टर नेम से बुलाते हैं तो अच्छा लगता है… यही मेरी अदाकारी की कामयाबी : र​श्मिका

बॉलीवुड डेब्यू : अपकमिंग फिल्म 'गुडबाय' के प्रमोशन के लिए जयपुर आईं अभिनेत्री रश्मिका मंदाना, चिर-परिचित क्यूट स्माइल से बनाया दीवाना

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जयपुर

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Aryan Sharma

Sep 30, 2022

मुझे कैरेक्टर नेम से बुलाते हैं तो अच्छा लगता है... यही मेरी अदाकारी की पहचान: र​श्मिका

मुझे कैरेक्टर नेम से बुलाते हैं तो अच्छा लगता है... यही मेरी अदाकारी की पहचान: र​श्मिका

आर्यन शर्मा @ जयपुर. मोहक मुस्कान... बातचीत का दिलकश अंदाज... सादगी के साथ क्यूट अदाएं... ये सब इस अभिनेत्री को और हसीन बनाती हैं। यहां हम बात कर रहे हैं उनकी, जो अपनी फिल्मों और अदाकारी से दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं और अब हिन्दी सिनेमा यानी बॉलीवुड में भी डेब्यू करने जा रही हैं। ये हैं, 'सानवी', 'कार्तिका', 'गीता', 'लिली', 'श्रीवल्ली', 'आफरीन'... दरअसल, ये अभिनेत्री रश्मिका मंदाना के अलग-अलग फिल्मों में निभाए किरदार हैं, जिन पर उनके फैंस ने बेशुमार प्यार बरसाया है। यही वजह है कि फैंस रश्मिका को उनके निभाए किरदारों के नाम से भी पुकारते हैं। वर्ष 2016 में कन्नड़ फिल्म 'किरिक पार्टी' से एक्टिंग डेब्यू करने वाली रश्मिका अब 'गुडबाय' से हिन्दी सिनेमा यानी बॉलीवुड में एंट्री ले रही हैं। 7 अक्टूबर को रिलीज होने जा रही इस फिल्म के प्रमोशन के लिए रश्मिका गुरुवार को जयपुर में थीं। उन्होंने कहा कि मुझे बहुत अच्छा लगता है जब मेरे वेल-विशर मुझे कैरेक्टर नेम से बुलाते हैं। बहुत प्यारा लगता है, जब वे मुझे श्रीवल्ली, लिली, गीता और सानवी के नाम से पुकारते हैं। इसका मतलब यह है कि मैंने अच्छा काम किया है, जो दर्शकों को पसंद आया है। अब ऐसी उम्मीद करती हूं कि 'गुडबाय' की रिलीज के बाद मैं 'तारा' के नाम से बुलाई जाऊं, जो कि इस फिल्म में मेरा किरदार है।

बच्चन सर से बहुत सीखा
फिल्म प्रमोशन के लिए रश्मिका जैसे ही आइनॉक्स क्रिस्टल पाम में आईं तो आते ही उन्होंने इस बात के लिए माफी मांगी कि वह कुछ कारणों से प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए थोड़ी लेट हो गईं। इसके बाद अपनी मिलियन-डॉलर स्माइल बिखेरते हुए उन्होंने कहा कि मैं 'गुडबाय' को लेकर बहुत एक्साइटेड हूं। इस बीच, उनकी हिन्दी थोड़ी ऊपर-नीचे हुई तो उन्होंने तपाक से कहा कि कुछ मिस्टेक हो तो प्लीज करेक्ट मी। 'नेशनल क्रश' रश्मिका ने कहा, 'जब मैंने इस फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी तो यह मुझे स्लाइस-ऑफ-लाइफ जैसी फिल्म लगी। मुझे लगा कि इसे नहीं छोड़ना है। अमिताभ बच्चन सर के साथ काम करने का अवसर मिल रहा था। मैं बहुत खुश थी। बिग बी के साथ काम करके मैंने बहुत सीखा है। वे बहुत ही फोकस हैं, बहुत ही प्रोफेशनल हैं। गौरतलब है कि रश्मिका ने अपने कॅरियर में 'गीता गोविंदम', 'डियर कॉमरेड', 'सरिलेरु नीकेवरु', 'भीष्मा', 'पुष्पा: द राइज', 'सीता रामम' सरीखी साउथ की फिल्मों से अपने फैंस का मनोरंजन किया है।

क्वेश्चन से कन्क्लूजन तक...
बकौल रश्मिका, तारा बहुत ही अलग कैरेक्टर है। वह खुले विचारों की आधुनिक लड़की है जिसे बेवजह के संस्कार पसंद नहीं हैं। लेकिन, उसके पिता सभी सामाजिक व धार्मिक रीति-रिवाजों को मानने वाले हैं। वह सवाल करती है। वह रीति-रिवाजों को निभाने के पीछे के तर्क को जानना चाहती है। वह रियलाइज करती है कि हर रीति-रिवाज का एक साइंटिफिक रीजन होता है। एक साइकोलॉजिकल रीजन होता है। तारा की जर्नी यह रियलाइज करने की है कि हमारे जो रीति-रिवाज होते हैं, उनके पीछे कुछ रीजन होते हैं। तारा क्वेश्चन से कन्क्लूजन तक पहुंचती है।

फर्क नहीं है, ऑल मिक्स...
हिन्दी से पहले कन्नड़, तेलुगू और तमिल फिल्म इंडस्ट्री में काम कर चुकीं रश्मिका ने बॉलीवुड में काम करने के अनुभव के बारे में कहा कि मैं एक्टर हूं और खुद की पहचान बेहतर एक्टर के रूप में बनाना चाहती हूं। बॉलीवुड में काम करने में चैलेंज सिर्फ यह था कि डिफरेंट इंडस्ट्री है, डिफरेंट एटमॉस्फेयर है। इस दौरान मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। वैसे, यह अंतर हमने किया है कि ये हिन्दी है यानी बॉलीवुड है। यह तेलुगू है यानी टॉलीवुड है। सिनेमा इंडस्ट्री को भीतर से देखें तो सभी मिक्स हैं। विकास बहल लिखित-निर्देशित 'गुडबाय' में रश्मिका और अमिताभ के अलावा नीना गुप्ता, सुनील ग्रोवर, पावेल गुलाटी, एली अवराम, आशीष विद्यार्थी और शिविन नारंग भी अहम रोल में हैं। बता दें कि 'पुष्पा' फिल्म के बाद हिन्दी बेल्ट के सिनेलवर्स में भी रश्मिका का काफी क्रेज है। रश्मिका ने अपनी जयपुर विजिट के दौरान भाजपा सांसद दीया कुमारी से भी मुलाकात की।