5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rakshabandhan 2023: सरहद पर फौजी भाईयों को बांधी जाएगी राखियां, जयपुर से भारत-चीन सीमा के लिए रवाना हुई यात्रा

रक्षाबंधन के दिन भारत-चीन सीमा पर सैनिक भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधने के लिए 11वीं राष्ट्रीय रक्षाबंधन यात्रा के तहत शुक्रवार को करीब 50 बालिकाओं का दल अमर जवान ज्योति से रवाना हुआ।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Kirti Verma

Aug 26, 2023

rk.jpg

जयपुर. रक्षाबंधन के दिन भारत-चीन सीमा पर सैनिक भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधने के लिए 11वीं राष्ट्रीय रक्षाबंधन यात्रा के तहत शुक्रवार को करीब 50 बालिकाओं का दल अमर जवान ज्योति से रवाना हुआ। शक्ति पीठ जामडोली की ओर से साध्वी समदर्शी गिरी के सानिध्य में यह 'राष्ट्रीय रक्षाबंधन यात्रा-2023' रक्षाबंधन पर भारत-चीन सीमा माणा पास, बद्रीनाथ, उत्तराखंड पहुंचेगी। दल के द्वारा आईटीबीपी के लगभग सात से आठ जगहों पर पर रक्षा सूत्र बांधकर देश की ओर से कृतज्ञता जाहिर की जाएगी और देश की सीमा पर सैनिक भाईयों के साथ रक्षाबंधन का यह महापर्व मनाया जाएगा।

यात्रा में विभिन्न स्कूलों व सामाजिक संगठनों से प्राप्त करीब 75000 रक्षा सूत्र ले जाए जा रहे हैं। दोपहर में अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और यहां उपस्थित शहीदों के परिवारजनों को रक्षा सूत्र बांधे गए। शक्ति पीठ की ओर से यहां अभिनव शर्मा (गोल्ड मेडिलिस्ट, डेफ ओलम्पिक) का सम्मान किया गया। अमर जवान ज्योति पर कार्यक्रम में मा. जुगल किशोर (केंद्रीय मंत्री विहिप), वरिष्ठ पत्रकार गोपाल शर्मा, संस्था के वरिष्ठजन बुद्धि प्रकाश जैन, रामबाबू आमेरिया, रामविलास बिरला मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : Rakha Bandhan Muhurat 2023: रक्षाबंधन पर हेगा भद्रा का साया, जानें क्या होगा इसका प्रभाव

पांच हजार राखियों से शुरू हुआ कारवां
शक्ति पीठ की संस्थापिका साध्वी समदर्शी गिरी ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन फौजी भाइयों को रक्षा सूत्र बांधकर यह पावन पर्व मनाया जाता है। सचिव प्रियंका परमानंद ने बताया कि पांच हजार राखियों से शुरू हुआ यह कारवां सामाजिक सहयोग के जरिए राखियां प्राप्त कर फौजी भाइयों तक अब तक आठ लाख से अधिक राखियां पहुंचा चुका है। शक्ति पीठ का यात्रा दल पूर्व के वर्षों में गुजरात से लेह-लद्दाख तक और राजस्थान-पंजाब-जम्मू-कश्मीर से लेकर माणा तक अपना सफर तय कर चुका है।

छह साल से बांध रही बॉर्डर पर जाकर राखियां
देवीनगर सोड़ाला निवासी राजस्थान उच्च न्यायालय की अधिवक्ता जयपुर बैंच अर्पिता माथुर ने बताया कि खुद और अन्य संस्थाओं के सहयोग हस्त निर्मित राखियां तैयार कर बॉर्डर पर तैनात सैनिकों के लिए भेजी जा रही हैं। अर्पिताने बताया कि बीकानेर खाजूवाला बार्डर पर वह खुद राखी बांधेगी। बीते छह साल से वह खुद राखियां तैयार कर सैनिक भाइयों को राखी बांध रही है। भारत पाकिस्तान बार्डर पर राखियां बांधी गई है। डॉक्टर, इंजीनियर सहित पेशेवर लोगों का सहयोग लिया जा रहा है। इसमें विशेष संदेश भी लिखे गए हैं। मानसरोवर एसएफएस स्थित निलोक फाउंडेशन के संयोजक आशुतोष भटनागर ने बताया कि पर्व की खुशियां सभी के साथ साझा करना गर्व की बात है। उनकी संगठन ने भी सहयोग दिया है।

यह भी पढ़ें : Raksha Bandhan Special: सुरक्षित पहुंचेगी राखी, डाकघर ने सिर्फ 10 रुपए में किया ये इंतजाम