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महंगाई से अधिक कई दूसरे मुद्दों पर रही आरबीआई की नजर
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महंगाई से अधिक कई दूसरे मुद्दों पर रही आरबीआई की नजर

RBI ने 6.5 प्रतिशत ही रखा रेपो रेट     RBI का मौद्रिक नीति का ऐलान RBI ने 6.5 प्रतिशत ही रखा रेपो रेटमहंगे हो सकते हैं बैंक लोनमहंगाई से अधिक कई दूसरे मुद्दों पर आरबीआई की नजरपिछली मीटिंग के बाद से रुपए का हो चुका 6.9 प्रतिशत अवमूल्यन क्रूड भी जा चुका है 86 डॉलर के पार तक अमरीकी फेडरल रिजर्व बैंक ने ब्याज दरें बढ़ाईभारत समेत अमरीका में बांड यील्ड में तेजी घरेलू बाजार में तरलता की स्थिति काफी नाजुक जीएसटी संग्रह में उम्मीद के अनुकूल इजाफा नहींआईएलएफएस के डिफॉल्ट होने के बाद एक राजस्व संकट जैसी स्थिति     रिजर्व बैंक अॉफ इंडिया (आर.बी.आई.) द्वारा आज मौद्रिक नीति समीक्षा जारी की । RBI ने 6.5 प्रतिशत ही रखा रेपो रेट। इस बार यह नीति समीक्षा अहम हो गई है और महंगाई से अधिक कई दूसरे मुद्दे आ गए हैं जिन पर आरबीआई को नजर रखनी होगी। आरबीआई की पिछली मीटिंग के बाद से रुपए का 6.9 प्रतिशत अवमूल्यन हो चुका है और क्रूड भी 86 डॉलर के पार तक जा चुका है। अमरीकी फेडरल रिजर्व बैंक ने ब्याज दरें बढ़ा दी हैं और भारत समेत अमरीका में बांड यील्ड में तेजी देखी जा रही है। घरेलू बाजार में तरलता की स्थिति काफी नाजुक है। जीएसटी संग्रह में उम्मीद के अनुकूल इजाफा नहीं हुआ है। साथ ही आईएलएफएस के डिफॉल्ट होने के बाद एक छोटी मोटी राजस्व संकट की सी स्थिति पैदा हो गई है।

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RBI ने 6.5 प्रतिशत ही रखा रेपो रेट