
ब्याज माफ करने पर आरबीआइ करे समीक्षा
नई दिल्ली. कोरोना वायरस की वजह से देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए आरबीआइ ने ग्राहकों को बैंक की ईएमआइ भरने में छूट दी थी। इस पर कई ग्राहकों ने मोरोटोरियम का लाभ नहीं लिया। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को फिर से ब्याज माफी मामले में सुनवाई हुई। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के पहले हफ्ते तक के लिए सुनवाई टाल दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने ब्याजमाफी मामले पर विचार करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और वित्त मंत्रालय को अधिक समय दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और आरबीआइ से इस पूरे मामले में रिव्यू करने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच यह जानना चाहती है कि मोराटोरियम पीरियड में ब्याज लगेगा या नहीं।
बैंक और ग्राहकों के बीच का है मामला
पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिस्टर जनरल ने कहा था कि मोराटोरियम अवधि में ब्याज में छूट संभव नहीं है। इस सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र अपना ब्यान देकर पल्ला नहीं झाड़ सकता है। यह मामला बैंक और ग्राहकों के बीच का है। कोर्ट ने कहा कि जब सरकार ने मोरोटोरियम की घोषणा की थी तो यह तय करना होगा कि ग्राहकों को इसका लाभ मिले।
Published on:
18 Jun 2020 12:45 am
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