
महापड़ाव से पहले ही पुलिस की गिरफ्त में बेरोजगार
महापड़ाव से पहले ही पुलिस की गिरफ्त में बेरोजगार
पुलिस ने निकाली निकालने की रैली
छूटने के बाद शहीद स्मारक पर जुटना शुरू हुए युवा बेरोजगार
जयपुर।
रीट भर्ती परीक्षा को रद्द किए जाने और सीबीआई जांच की मांग किए जाने को लेकर महापड़ाव करने वाले युवा बेरोजगारों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि पुलिस की गिरफ्त से छूटने के बाद युवा बेरोजगार शहीद स्मारक पर जुटे लेकिन उनकी संख्या बेहद कम थी। दरअसल रीट भर्ती पर चल रहे घमासान के बीच करीब 13 संगठनों ने संयुक्त रूप से संयुक्त युवा अधिकार मोर्चा के बैनर तले जयपुर में 7 फरवरी से 9 फरवरी तक महापड़ाव के साथ ही 10 फरवरी को राजस्थान बंद का आह्वान किया था। उनका कहना था कि वह त्रिवेणी नगर से शहीद स्मारक की ओर कूच करेंगे और शहीद स्मारक पर महापड़ाव की शुरुआत की जाएगी लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने संयुक्त युवा अधिकार मोर्चा के सदस्यों ईरा बोस,अनिल धेनवाल,रोशन मुण्डोतिया,मनोज मीणा,अनीष कुमार,भरत बेनीवाल आदि को हिरासत में ले लिया और बगरू थाना क्षेत्र में जाकर छोड़ दिया। इसके बाद मोर्चे के पदाधिकारी वहां से शहीद स्मारक पर पहुंचे और महापड़ाव शुरू किया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी बेरोजगार युवाओं का आह्वान किया कि वह महापड़ाव में शामिल होने शहीद स्मारक पर पहुंचे लेकिन युवाओं की भीड़ वहां नहीं जुट पाई। तकरीबन 15 से 20 बेरोजगार शहीद स्मारक पर मौजूद थे। संयुक्त युवा अधिकार मोर्चा ने अब रीट परीक्षा को निरस्त कर 70,000 पदों के साथ पुन: करवाने, सीबीआई जांच करवाए जाने, फास्ट ट्रैक अदालत के जरिए दोषियों को तुरंत सज़ा देने, इस विधानसभा सत्र में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के खिलाफ कठोर क़ानून लाने, रीट धाँधली के दौरान तत्कालीन शिक्षा मंत्री को भी जांच के दायरे में लाने,उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश के अधीन परीक्षा व्यवस्था का अवलोकन करवाने, राजस्थान में हाल ही में आयोजित जेईएन,एसआई, लाइब्रेरियन, पटवारी और अन्य भर्तियों में आई अनियमितताओं की जांच की मांग की है।
Updated on:
07 Feb 2022 06:20 pm
Published on:
07 Feb 2022 04:51 pm
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