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राजस्थान के किसानों के लिए ‘गुड न्यूज’, IAS आरती डोगरा ने शेयर किए भारत सरकार के ये आदेश

राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र और विशेष रूप से सौर ऊर्जा की दिशा में काम कर रहे किसानों और डेवलपर्स के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। आईएएस आरती डोगरा ने सोशल मीडिया पर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

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राजस्थान में सौर ऊर्जा की क्रांति लाने वाली 'पीएम कुसुम योजना' के तहत प्रोजेक्ट्स पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हितधारकों के लिए केंद्र सरकार ने अपने दरवाजे खोल दिए हैं। ऊर्जा सचिव और डिस्कॉम चेयरमैन आरती डोगरा ने भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) साझा किया है।

इस नए आदेश के अनुसार, जिन प्रोजेक्ट्स के लिए PPA (Power Purchase Agreement) या NTP (Notice to Proceed) 31 दिसंबर 2025 तक साइन हो चुके हैं, उन्हें अब अपना काम पूरा करने के लिए 31 मार्च 2027 तक का समय दिया गया है।

राजस्थान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह विस्तार?

राजस्थान देश में सौर ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी राज्य है। पीएम कुसुम योजना के तहत यहां हजारों किसानों ने अपनी बंजर भूमि पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए आवेदन किया है।

  • बैंक लोन की समस्या: 31 मार्च 2026 की पिछली डेडलाइन के कारण बैंक और वित्तीय संस्थान लोन देने में कतरा रहे थे। बैंकों को डर था कि समय सीमा खत्म होने पर प्रोजेक्ट्स का क्या होगा।
  • नई डेडलाइन का असर: अब समय सीमा 2027 तक बढ़ने से बैंकों का भरोसा लौटेगा और किसानों को 'फाइनेंशियल क्लोजर' (वित्तीय बंदी) हासिल करने में आसानी होगी।

PM KUSUM 2.0: भविष्य की तैयारी

मंत्रालय के पत्र में एक और बड़ी जानकारी दी गई है। वर्तमान योजना को जल्द ही PM KUSUM 2.0 में समाहित (Subsumed) किया जाएगा।

  • लायबिलिटी ट्रांसफर: केंद्र सरकार ने साफ किया है कि वर्तमान योजना की सभी प्रतिबद्धताएं और देनदारियां नई योजना 2.0 के तहत सुरक्षित रहेंगी।
  • राज्यों को निर्देश: आईएएस आरती डोगरा और ऊर्जा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करें ताकि 31 मार्च 2026 के बाद भी ऋण सुविधा सुचारू रहे।

आरती डोगरा: राजस्थान के ऊर्जा विभाग की 'चाबी'

राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था में आरती डोगरा का कद इस वक्त सबसे ऊंचा है। वे वर्तमान में 5 महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं:

  1. ऊर्जा सचिव (Energy Secretary)
  2. चेयरपर्सन, डिस्कॉम्स (Chairperson Discoms)
  3. प्रबंध निदेशक, जयपुर डिस्कॉम (MD, Jaipur Discom)
  4. चेयरपर्सन, राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (RVPNL)
  5. चेयरपर्सन, राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज लिमिटेड (RUVITSL) - अतिरिक्त कार्यभार

इन पदों पर रहते हुए वे राजस्थान की पूरी बिजली व्यवस्था और रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी की धुरी बनी हुई हैं। उनका यह अपडेट सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर काम कर रहे हितधारकों तक पहुंच रहा है।

योजना के मुख्य बिंदु और नई शर्तें

  • पात्रता: यह समय वृद्धि केवल उन्हीं प्रोजेक्ट्स के लिए है जिनका PPA/NTP 31.12.2025 को या उससे पहले जारी हो चुका है।
  • बैंकों से समन्वय: राज्य सरकार अब बैंकों को आधिकारिक रूप से सूचित करेगी कि केंद्र ने डेडलाइन बढ़ा दी है, ताकि अटके हुए लोन तुरंत डिस्बर्स किए जा सकें।

किसानों और डेवलपर्स को क्या करना होगा?

राजस्थान के वे किसान जो कुसुम योजना के कंपोनेंट-A या C के तहत काम कर रहे हैं, उन्हें अब अपने संबंधित डिस्कॉम (जैसे जयपुर, जोधपुर या अजमेर डिस्कॉम) के साथ तालमेल बिठाकर प्रोजेक्ट्स की गति बढ़ानी होगी। आरती डोगरा के नेतृत्व में विभाग अब जिला स्तर पर बैंकों के साथ विशेष बैठकें आयोजित कर सकता है।