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रिपोर्ट: भारतीय सेना के सामने फिसडडी हैं चीनी और पाकिस्तानी वायु सेना

भारतीय वायु सेना ने वायु शक्ति के मामले में एक बार फिर से वर्चस्व स्थापित किया है। भारतीय वायु सेना ने अपने पारंपरिक दुश्मन चीन और पाकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए तीसरे स्थान कब्जा किया है। दोनों देशों की सेनाएं भारतीय वायु सेना के आगे कहीं नहीं टिकती हैं। फिर चाहे वह लड़ाकू विमानों का मामला या फिर इनके सक्रियतम उपयोग का। सबसे बड़ी बात यह है कि चीन की वायु सेना ने कोई युद्ध न

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Indian Air Force

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भारतीय वायु सेना ने वायु शक्ति के मामले में एक बार फिर से वर्चस्व स्थापित किया है। भारतीय वायु सेना ने अपने पारंपरिक दुश्मन चीन और पाकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए तीसरे स्थान कब्जा किया है। दोनों देशों की सेनाएं भारतीय वायु सेना के आगे कहीं नहीं टिकती हैं। फिर चाहे वह लड़ाकू विमानों का मामला या फिर इनके सक्रियतम उपयोग का। सबसे बड़ी बात यह है कि चीन की वायु सेना ने कोई युद्ध नहीं लड़ा है।

पाकिस्तानी वायुसेना तो भारतीय वायु सेना के आगे कहीं भी ठहरती ही नहीं है। इतनी भी काबिल नहीं है कि उसे शीर्ष दस में जगह बना सके। चीन ने इस सूची में जगह तो बना ली है लेकिन वह भी भारत से एक पायदान नीचे है। यूं तो चीन के पास संख्या के हिसाब से भारतीय वायुसेना से ज्यादा लड़ाकू विमान है लेकिन भारतीय वायु सेना के दक्षतम प्रयोग ने उन्हें पीछे छोड़ दिया है।

चीन ने नकारी रिपोर्ट
आधुनिक सैन्य विमान की वल्र्ड डायरेक्ट्री(डब्ल्यूडीएमएमए) ने दुनिया भर के देशों की वायु शक्ति का परीक्षण करने के बाद वर्ष 2022 के लिए 'वैश्विक वायु शक्ति रैंकिंग' में भारतीय वायु सेना (आइएएफ) को तीसरा स्थान दिया है। इस रैंकिंग में आइएएफ ने अपने क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी चीन, जापान वायु आत्मरक्षा बल (जेएएसडीएफ), इजरायली वायु सेना और फ्रांसीसी वायु सेना से ऊपर स्थान हासिल किया है। रिपोर्ट में विश्व में विभिन्न हवाई सेवाओं की कुल लड़ाकू क्षमताओं का आकलन किया गया। भारतीय इस रिपोर्ट से खुश हैं, वहीं चीन ने इस रिपोर्ट को नकार दिया है।

ट्रवैल्यू रेटिंग फॉर्मूले का प्रयोग
वैश्विक वायु शक्ति के आंकलन के लिए डब्ल्यूडीएमएमए ने एक फॉर्मूले का प्रयोग किया है। इसमें वह विभिन्न देशों की वायु सेना की कुल युद्धक शक्ति का विचार करता है। इसमें किसी देश की वायु सेना शक्ति को आधुनिकीकरण, हमलावर क्षमता और सुरक्षा क्षमताओं सहित कई अन्य तत्वों को आधार बनाकर रेटिंग तैयार की जाती है।

विमान की संख्या नहीं, लड़ने की क्षमता मायने
सबसे खास बात है कि इस पद्धति में किसी देश की सामरिक वायु सेना की ताकत उसके पास मौजूद विमानों की संख्या से ही नहीं बल्कि स्टॉक की गुणवत्ता और विविधता से भी मापी जाती है। यही वजह है कि भारत के पास कम लड़ाकू विमान होने के बावजूद भी चीन से ज्यादा वायु शक्ति की क्षमता रखता है।

तेजस भारतीय वायु सेना की ताकत
भारतीय वायु सेना के पास 1645 विमान है। इसमें 384 लड़ाकू विमान, 266 हेलीकाप्टर, 152 परिवहन विमान, 185 ट्रेनर के साथ टैंकर्स, स्पेशल मिशन विमान है। वायु सेना के बेड़े में इस समय तेजस, सुखोई और राफेल सबसे बड़ी ताकत बने हुए हैं। वहीं धुव्र एएलएच(हेलीकॉप्टर्स), एमआई 17, अपाचे, चिनूक एचजेटी-१६ लाइट जेट ट्रेनर भारतीय वायु सेना की बैकबोन बने हैं। यही तीसरे स्थान पर काबिल होने का कारण भी हैं।

ये है दुनिया की शीर्ष 10 वायुसेना

देश लड़ाकू
1 अमरीकी वायु सेना 5209
2 रूसी वायु सेना 829
3 भारतीय वायु सेना 1645
4 चीनी वायु सेना 2040
5 जापान वायु आत्मरक्षा बल 779
6 इजरायली वायु सेना 581
7 फ्रांसीसी वायु सेना 658
8 ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स 475
9 दक्षिण कोरियाई वायु सेना 890
10 इतालवी वायु सेना 506