
खाद्य पदार्थों और भोजन के लिए देशभर में अव्वल
जिला उपभोक्ता आयोग ने विवाह समारोह के दौरान रिसोर्ट में परोसे खाने में खट्टी रसमलाई और मालपुए में पानी होने होने को सेवादोष और अनफेयर ट्रेड माना है। आयोग ने इसके लिए रिसोर्ट पर पांच लाख रुपए का हर्जाना लगाया है। इसी के साथ दस हजार रुपए परिवाद व्यय के चुकाने के आदेश दिए हैं।
विद्याधर निवासी नागरमल अग्रवाल ने पुत्री के विवाह पर आयोजित कार्यक्रम के लिए 17,18 और 19 जुलाई 2021 के लिए दिल्ली रोड पर शिव विलास रिसोर्ट में बुकिंग करवाई। लंच व डिनर सहित अन्य सुविधाओं के पेटे कुल 41 लाख रुपए का भुगतान किया गया। आयोग में दायर परिवाद में कहा गया कि तय मापदंड के अनुसार सुविधाएं नहीं दी गई। कमरे गंदे थे और खाने की वैरायटी व गुणवत्ता तय शर्त के अनुसार नहीं थी।
मेहमानों के लिए खाना भी पूरा नहीं था। खाने में जो रसमलाई परोसी गई वह खट्टी थी और मालपुए में पानी था। इसकी वजह से बाहर से खाना और मिठाई मंगवानी पड़ी। मेहमानों को दूसरे होटल में दस कमरे लेकर ठहराना पड़ा। आयोग के नोटिस जारी करने पर रिसोर्ट की ओर से जवाब नहीं दिया।
क्या करता है आयोग
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) विवादों के निवारण के लिए सस्ती, त्वरित और पर सेवा प्रदान करता है। आप यहां से वाद सूचियों, निर्णयों, मुक़दमे की स्थिति, दैनिक निर्णयों, उपभोक्ता के अधिवक्ता और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
आयोग के सदस्यों, राज्य आयोगों,ज़िले के उपभोक्ता फोरम और उपभोक्ता संरक्षण कानून के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गई है। उपभोक्ता संरक्षण नियम 1987 के बारे में जानकारी दी गई है। नियम और उपभोक्ताओं की रक्षा के लिए इसमें विभिन्न प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। उपभोक्ता संरक्षण और उपभोक्ता शिकायत निवारण आदि से संबंधित जानकारी प्रदान की जाती है।
Published on:
09 Jun 2022 04:39 pm
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