जयपुर

एकल पट्टा प्रकरण में जीएस संधू, निष्काम दिवाकर और ओंकारमल सैनी को मिली हाईकोर्ट से बड़ी राहत

प्रदेश के बहुचर्चित एकल पट्टा प्रकरण में राजस्थान हाईकोर्ट से पूर्व आईएएस अधिकारी जीएस संधू, पूर्व आरएएस निष्काम दिवाकर और ओंकारमल सैनी को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने तीनों के खिलाफ दायर मुकदमें को वापस लेने के लिए अर्जी दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी है।

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Jan 17, 2023
एकल पट्टा प्रकरण में जीएस संधू, निष्काम दिवाकर और ओंकारमल सैनी को मिली हाईकोर्ट से बड़ी राहत

जयपुर। प्रदेश के बहुचर्चित एकल पट्टा प्रकरण में राजस्थान हाईकोर्ट से पूर्व आईएएस अधिकारी जीएस संधू, पूर्व आरएएस निष्काम दिवाकर और ओंकारमल सैनी को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने तीनों के खिलाफ दायर मुकदमें को वापस लेने के लिए अर्जी दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी है। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने राज्य सरकार और तीनों अधिकारियों की रिविजन को मंजूर करते हुए यह आदेश दिया है। बता दें कि इससे पहले जस्टिस फरजंद अली ने 4 जनवरी को बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

गौरतलब है कि एसीबी कोर्ट क्रम चार ने सरकार व तीनों अधिकारियों की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया था। जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अब एकल पट्टा प्रकरण के आरोपियों में शैलेंद्र गर्ग, अनिल अग्रवाल और विजय मेहता बचे हैं। बता दें कि इससे पूर्व नवंबर, 2022 में इसी मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल को क्लीनचिट दी थी। एकल पट्टा प्रकरण में शांति धारीवाल की भूमिका को नहीं माना गया था।

यह था मामला
बता दें गणपति कंस्ट्रक्शन कंपनी को वर्ष 2011 में एकल पट्टा जारी करने में धांधली को लेकर एसीबी ने वर्ष 2016 में रामशरण सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। मामले में कंपनी के प्रोपराइटर शैलेन्द्र गर्ग, तत्कालीन आईएएस जीएस संधू, जेडीए जोन दस के तत्कालीन उपायुक्त ओंकारमल सैनी, निष्काम दिवाकर और गृह निर्माण सहकारी समिति के पदाधिकारियों को आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा शांति धारीवाल व अन्य को लेकर जांच लंबित रखी थी।

Published on:
17 Jan 2023 06:42 pm
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