
SMS Hospital outdoor then 10 thousand patients
विकास जैन
किसी भी व्यक्ति के बीमार होने पर तत्काल इलाज की जरूरत पड़ती है, जिससे की उसकी समस्या का समय पर निदान हो सके, लेकिन राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत कई निजी अस्पतालों में इलाज के लिए भी दिन तय हैं। यहां एक मरीज को एक दिन में सिर्फ एक ही चिकित्सक से परामर्श लेने की अनुमति है।
स्थिति यह है कि एक से दूसरे चिकित्सक को रेफर किए जाने पर भी अस्पताल दूसरे चिकित्सक के लिए परामर्श स्लिप जारी नहीं कर रहे। उन्हें भी दूसरे दिन आने के लिए कहा जा रहा है। पेंशनर्स और सरकारी कार्मिकों का कहना है कि निजी अस्पतालों में आए दिन मरीजों के लिए परेशानी खड़ी करने वाली व्यवस्थाएं सामने आ रही हैं। हाल ही इन अस्पतालों में आरजीएचएस के तहत एक दिन में अधिकतम 100 से 150 ओपीडी मरीज ही देखने के मामले भी सामने आए थे।
बाहरी मरीजज्यादा परेशान
जयपुर के बाहर से आने वाले मरीजों को ज्यादा परेशानी हो रही है। इलाज के लिए वे जयपुर आते हैं, लेकिन उन्हें अलग-अलग बीमारी का इलाज कराने के लिए कई दिनों तक यहां रुकना पड़ रहा है।
सरकार हमारे वेतन में से हर महीने कटौती कर रही है, उसके बाद भी इस तरह का व्यवहार समझ से परे है। (सरकारी कार्मिकों के पत्रिका को संदेश)
पेंशनर वरिष्ठ नागरिक तो हैं ही, इनमें कई 75 -80 वर्ष से भी अधिक आयु के हैं। उनके लिए इस तरह बार-बार आना शारीरिक और मानसिक रूप से अत्यंत कष्टकारक होता है। जी.एल.अग्रवाल, सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग
इसी वर्ष 13 मई को जारी आरजीएचएस परिपत्र के अनुसार एक व्यक्ति एक दिन में तीन चिकित्सकों से परामर्श ले सकता है। लेकिन इसकी भी पालना नहीं की जा रही। इससे कठिनाई का सामना करना पड़ता है। एस.बी.माथुर, सेवानिवृत्त अधिशाषी अभियंता,जलदाय विभाग
आरजीएचएस योजना शुरू करने पर पेंशनर्स ने सरकार को धन्यवाद दिया था। लेकिन कुछ समय से इस योजना के तहत चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करने में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। श्यामसुंदर सारस्वत, सेवानिवृत्त, वाणिज्यिककर अधिकारी
Published on:
30 Aug 2022 03:36 pm
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