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राइट टू हेल्थ बिल को लेकर बोले खाचरियावास, चार कदम भी पीछे हटना पड़ा तो हटेंगे

राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में चिकित्सकों की चल रही हड़ताल को लेकर अब सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है। गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी इस बात के संकेत दिए हैं। खाचरियावास ने कहा कि हम चिकित्सकों से टकराव नहीं चाहते हैं और गतिरोध तोड़ने के लिए अगर सरकार को चार कदम पीछे हटना पड़े तो हम हटेंगे।

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जयपुर

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Umesh Sharma

Mar 28, 2023

राइट टू हेल्थ बिल को लेकर बोले खाचरियावास, चार कदम भी पीछे हटना पड़ा तो हटेंगे

राइट टू हेल्थ बिल को लेकर बोले खाचरियावास, चार कदम भी पीछे हटना पड़ा तो हटेंगे

जयपुर। राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में चिकित्सकों की चल रही हड़ताल को लेकर अब सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है। गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी इस बात के संकेत दिए हैं। खाचरियावास ने कहा कि हम चिकित्सकों से टकराव नहीं चाहते हैं और गतिरोध तोड़ने के लिए अगर सरकार को चार कदम पीछे हटना पड़े तो हम हटेंगे।

खाचरियावास ने कहा कि गहलोत सरकार की नीयत और सोच अच्छी है। सरकार चाहती है कि राइट टू हेल्थ के मामले में राजस्थान देश का पहला राज्य बने। लेकिन चिकित्सकों को लगता है कि यह बिल उनके हित में नहीं है, इसलिए सरकार ने चिकित्सकों को बातचीत का न्योता दिया है। मैंने भी मुख्यमंत्री गहलोत से कहा है कि वह चिकित्सकों को बातचीत के लिए बुलाएं। सरकार भी चाहती है कि गतिरोध खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का दिल बड़ा होता है सरकार कभी भी अपने सम्मान के लिए लड़ाई नहीं लड़ती है। हड़ताल को तोड़ना हमारी जिम्मेदारी है। सरकार पहले भी चिकित्सकों से वार्ता कर चुकी है। गौरतलब है कि राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में निजी चिकित्सक लंबे समय से हड़ताल पर हैं, जिससे चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है। सरकार ने भी गतिरोध खत्म करने के लिए चिकित्सकों को वार्ता का न्योता दिया था।

सत्ता पक्ष के समर्थन से पारित हुआ बिल

इधर बीजेपी नेताओं की ओर से राइट टू हेल्थ बिल को लेकर की जा रही बयानबाजी को लेकर खाचरियावास ने कहा कि राइट टू हेल्थ बिल सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष समर्थन से पारित हुआ था, लेकिन अब इस मामले में बीजेपी राजनीति कर रही है। चिकित्सकों की मांगों और सुझावों को सुनने के लिए सरकार तैयार है।हम किसी प्रकार से टकराव नहीं चाहते हैं।

जयपुर जिला ही रहेगा राजस्थान की राजधानी

जयपुर शहर में 2 जिलों की घोषणा पर उन्होंने कहा कि राजस्थान की राजधानी जयपुर जिला ही रहेगा और जयपुर को कोई नहीं बदल सकता है। मुख्यमंत्री ने केवल अपना एक आइडिया दिया था कि जयपुर में उत्तर और दक्षिण हो जाए, लेकिन हम उत्तर दक्षिण भी नहीं करेंगे और जयपुर को जयपुर ही रखेंगे। उन्होंने कहा कि अभी जयपुर में चार एसपी और कलेक्टर बैठते हैं अगर इनकी संख्या डबल हो जाए तो इसका फायदा ही मिलेगा।


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