
तकरीबन दो सप्ताह से सरकारी अस्पतालों में परेशानी झेल रहे मरीजों को आज से इलाज मिल सकेगा। आज से सभी रेजिडेंट्स अस्पताल में लौट कर अपना काम संभालेंगे। रविवार देर रात रेजिडेंट्स ने अपनी हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया है । रेजिडेंट्स राइट टू हेल्थ बिल के समर्थन में हड़ताल पर थे। रात हुई जीबीएम में ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने भी काम पर लौटने का निर्णय लिया।
राज्यपाल को लिखा पत्र
निजी चिकित्सकों की हड़ताल के बीच राइट टू हेल्थ बिल को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने राज्यपाल कलराज मिश्र को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में लिखा गया है कि राजस्थान में चिकित्सा बिरादरी उथल पुथल में है। जिस स्वास्थ्य के अधिकार का सपना इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने देखा था उसे इस बिल ने कहीं पीछे छोड दिया है। इस बिल में जो प्रावधान किए गए है वह राज्य के चिकित्सकों को स्वीकार्य नहीं हैं। इस बिल के कारण प्राइवेट हेल्थ केयर सिस्टम नष्ट हो जाएगा। इस बिल में सरकार की मंशा निजी चिकित्सकों और अस्पतालों के साथ काम करने की नजर नहीं आती। ऐसे में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की अपील है कि वह इस बिल पर पुर्नविचार करने के लिए इसे वापस करवाएं।
सीएम को दे डाली नसीहत
वहीं दूसरी ओर निजी चिकित्सकों की हड़ताल लगातार जारी है। निजी डॉक्टर्स की एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ विजय कपूर ने अपना एक वीडियो जारी किया है जिसमें वह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को नसीहत देते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह कह रहे हैं कि सीएम गैर जिम्मेदाराना बयान देकर डॉक्टर्स को आहत नहीं करें। उनके बयानों से डॉक्टर्स और उनका परिवार आहत हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीएम हमें गददार कहा है कि हमारे आंदोलन को आरएसएस से प्रायोजित कहा है, हमारे चिकित्सा मंत्री ने हमें कसाई और लुटेरा कहा है इससे ना केवल हमारे बच्चे और चिकित्सा जगत आहत हैं। कृपया वह ऐसे बयान जारी नहीं करें। मैं कहना चाहता हूं कि मेरा कोई पॉलिटिकल बैकग्राउंड नहीं है। ऐसे बयान देकर चिकित्सकों को और आक्रोशित ना करें। इससे आगे और भडकेगी आंदोलन और बढेगा, मैं उनसे मांग करता हूं कि वह हमें वार्ता के लिए बुलाएं जिससे आंदोलन समाप्त हो सके। आम जनता को राहत मिले और हमें और हमारे परिवार को भी सम्मान मिले।
महारैली की तैयारी मे जुटे निजी चिकित्सक
रेजिडेंट्स की हड़ताल समाप्त होने केसाथ ही निजी चिकित्सक 4 अप्रेल को होने वाली महारैली को सफल बनाने की तैयारी में जुट गए हैंं। उनकी ओर से जनजागरण रैली निकाली जा ही रही है और अब उन्होंने सोशल मीडिया का भी सहारा लिया है। प्रदेश के निजी अस्पताल के डॉक्टर्स का ग्रुप बनाया जा रहा है साथ ही राइट टू हेल्थ बिल को लेकर वीडियो, मीम्स आदि भी बनाए जा रहे हैं। इस बार चिकित्सकों का प्रयास है कि महारैली में केवल डॉक्टर्स ही नहीं बल्कि आमजन को भी जोडा जाए। निजी चिकित्सकों ने आमजनता से भी अपील की है कि वह इस रैली में शामिल हो।