Rajasthan Rising Grain Prices: जयपुर और अजमेर में गेहूं के भाव 2050 से 2150 रुपए प्रति क्विंटल थे। जो अब बढकऱ 2250 से 2350 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गए हैं।
Rajasthan Rising Grain Prices: जयपुर/अलवर. गेहूं और दाल के भाव में तेजी का असर दिखाई दे रहा है। करीब एक सप्ताह पहले जयपुर और अजमेर में गेहूं के भाव 2050 से 2150 रुपए प्रति क्विंटल थे। जो अब बढकऱ 2250 से 2350 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गए हैं। ऐसे में 7 दिन में गेहूं के भाव में 50 से 150 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है। इससे भाव में और तेजी की उम्मीद में किसान गेहूं की फसल को रोक रहे हैं। यही हाल उड़द और मूंग दाल का भी हो रहा है।
भाव में तेजी की उम्मीद से आवक प्रभावित
पिछले साल गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था, लेकिन वैश्विक बाजार में मांग बढऩे के कारण स्थानीय मंडी में गेहूं 2800 से 3000 प्रति क्विंटल तक बिके। वहीं, इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2125 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, लेकिन पिछली बार की तुलना में मंडी में भाव काफी मंदा होने के कारण किसान अभी भाव बढऩे की उम्मीद में फसल को रोक रहे हैं।
अभी 1500 से 2 हजार कट्टे की प्रतिदिन आवक: हालांकि मंडी में गेहूं के भाव समर्थन मूल्य से अधिक होने के कारण किसान समर्थन मूल्य पर भी फसल बेचने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। इसके बाद भी उत्पादन करीब-करीब बराबर होने के बाद भी इस बार मंडी में अभी गेहूं की आवक पिछली बार की तुलना में काफी कम हो रही है। जानकारी के अनुसार पिछली बार इन दिनों अलवर शहर की कृषि उपज मंडी में प्रतिदिन 4 से 5 हजार कट्टे गेहूं की आवक प्रतिदिन हुई थी। वहीं, इस बार मंडी में अभी गेहूं की आवक 1500 से 2 हजार कट्टे प्रतिदिन हो रही है। इसका मुख्य कारण पिछली बार की तुलना में गेहूं का भाव कम होना बताया जा रहा है।
अभी केन्द्र सरकार ने गेहूं के निर्यात पर रोक लगा रखी है। वहीं, गत वर्ष बड़े पैमाने पर गेहूं का आयात होने से भाव में काफी तेजी का दौर रहा था। ऐसे में आगे केन्द्र सरकार की नीतियों से गेहूं के भाव प्रभावित रहेंगे।
तेजी की उम्मीद में फसल रोक रहे
गत वर्ष की तुलना में मंडी में भाव काफी कम होने के कारण किसान अभी तेजी की उम्मीद में गेहूं की फसल को रोक रहे हैं। इससे मंडी में गेहूं की आवक पिछली बार की तुलना अभी कम है। मंडी भाव 2500 के ऊपर जाने पर गेहूं की आवक अचानक बढ़ेगी। वहीं, आगे गेहूं के भाव केन्द्र सरकार की नीतियों पर निर्भर करेंगे।
-सुरेश अग्रवाल, मंडी जानकार