
सेक्टर में बीएसएफ की खखां सीमा चौकी के क्षेत्र में पकड़ा गया पाकिस्तानी घुसपैठिया रिजवान अशरफ प्रशिक्षित कट्टरपंथी है। भारत के खिलाफ इसके दिमाग में नफरत कूट-कूटकर भरी हुई है। संयुक्त पूछताछ के दौरान उसने चौंकाने वाला खुलासा किया कि 17 अगस्त, 2021 को लाहौर फोर्ट में महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा को उसी ने तोड़ा था।
इस खुलासे को गंभीरता से लेते हुए पूछताछ कर रहे अधिकारियों का मानना है कि रिजवान प्रशिक्षित आतंकी हो सकता है। ये आतंकी यातनाएं सहकर भी रटी-रटाई बातें बोलते हैं। इसलिए पूछताछ का दायरा बढ़ा दिया गया है। अभी तक एजेंसियां नूपुर शर्मा के एंगल से ही सवाल कर रही थीं लेकिन अब पूछताछ में एनआइए भी शामिल हो सकती है। पाकिस्तान के लाहौर किले में महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा 2019 में लगाई गई थी। प्रतिमा स्थापित होने के बाद तीन बार खंडित की जा चुकी है।
पूछताछ में यह बात सामने आई कि महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा खंडित करने के बाद घुसपैठिये ने तहरीक-ए-लब्बैक के समर्थन में नारे भी लगाए थे। इसके बाद में, सुरक्षाकर्मियों ने पकड़कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। उसके खिलाफ लाहौर में मामला दर्ज हुआ लेकिन तहरीक के प्रभाव के चलते उसे जमानत पर रिहाई मिल गई। प्रतिमा खंडित किए जाने पर भारत में सिख संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया हुई थी।
आठवीं पास है घुसपैठिया
पाकिस्तानी घुसपैठिया आठवीं तक पढ़ा-लिखा है और कठियालाखेड़ा में बिजली मिस्त्री था। उसके पास पैसे नहीं मिले, जिससे अनुमान है कि उत्तेजना में वह भारत में आ घुसा।
जलसों में नूपुर के खिलाफ तकरीरें
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि तहरीक-ए-लब्बैक के जलसों में नूपुर शर्मा के खिलाफ हुई तकरीरें सुनकर ही रिजवान उसकी हत्या के लिए प्रेरित हुआ। पूछताछ करने वाले अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मंडी बहाउद्दीन में हुए तहरीक-ए-लब्बैक के जलसे में नूपुर शर्मा के खिलाफ बोला गया होगा।
Published on:
22 Jul 2022 11:09 pm
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