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सड़क दुर्घटना अनुसंधान यूनिट : न बजट न स्टाफ, क्वार्टर-महिला थाने में चल रही, इसके पीछे ये है कारण

इस साल एक जनवरी से 31 मई तक सड़क हादसों में 350 लोगों की मौत हो गई और कुल 1181 मामले दर्ज हुए। वहीं, 2022 में इन पांच माह के भीतर 1024 मामले दर्ज हुए और 300 लोग हादसे के शिकार हो गए। इसी तरह वर्ष 2021 में 859 दर्ज मामलों में 238 लोगों की मौत हो गई थी। पिछले दो वर्षों में सड़क हादसे बढऩे के साथ मरने वालों की संख्या भी बढ़ी है, लेकिन इन मामलों की जांच करने वाली सड़क दुर्घटना यूनिट (इकाई) बदहाल हैं। ये दुर्घटना इकाई नोटिफाई ही नहीं हैं।

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सड़क दुर्घटना अनुसंधान यूनिट : न बजट न स्टाफ, क्वार्टर-महिला थाने में चल रही, इसके पीछे ये है कारण

सड़क दुर्घटना अनुसंधान यूनिट : न बजट न स्टाफ, क्वार्टर-महिला थाने में चल रही, इसके पीछे ये है कारण

जयपुर. राजधानी में पिछले दो वर्षों में सड़क हादसे बढऩे के साथ मरने वालों की संख्या भी बढ़ी है, लेकिन इन मामलों की जांच करने वाली दुर्घटना अनुसंधान इकाई बदहाल हैं। ये दुर्घटना इकाई नोटिफाई ही नहीं हैं। इस कारण बजट जारी नहीं होता है। जिसके चलते पुलिस इन्हें जुगाड़ पर चला रही है। वहीं, स्टाफ की भी कमी है। चारों इकाई में 142 पद स्वीकृत हैं, लेकिन 59 पद खाली चल रहे हैं।

पांच माह में 350 लोगों की मौत

इस साल एक जनवरी से 31 मई तक सड़क हादसों में 350 लोगों की मौत हो गई और कुल 1181 मामले दर्ज हुए। वहीं, 2022 में इन पांच माह के भीतर 1024 मामले दर्ज हुए और 300 लोग हादसे के शिकार हो गए। इसी तरह वर्ष 2021 में 859 दर्ज मामलों में 238 लोगों की मौत हो गई थी।

शहर की इन इकाइयों का ये है हाल

पश्चिम जिले की दुर्घटना अनुसंधान इकाई फ्लैटनुमा क्वार्टर में चलाई जा रही है। वहीं उत्तर जिले की दुर्घटना इकाई महिला थाने के साथ ही चल रही है। पूर्व जिले की दुर्घटना इकाई भी एक कमरे में चल रही है और दक्षिण जिले की दुर्घटना इकाई में परिवादी के बैठने के लिए जगह तक नहीं है। भीड़भाड़ भरा इलाका होने के कारण दक्षिण और उत्तर में लोगों को इन इकाइयों के बाहर वाहन पार्क की समस्या का सामना भी करना पड़ता है।

ये थाने खुद ही करते जांच

सड़क दुर्घटना होने पर संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज की जाती है। इसके बाद जांच के लिए थाने से फाइल दुर्घटना इकाई में भेज दी जाती है। वहीं कुछ थाने जैसे करधनी, भांकरोटा, हरमाड़ा, तूंगा, बस्सी, कानोता, कालवाड, कोटखावदा, सेज, बगरू, आमेर, सांगानेर सदर, शिवदासपुरा, चाकसू, प्रताप नगर आदि सड़क हादसों की खुद ही जांच करते हैं।

ये हुई मौतें

क्षेत्र --- 2022 --- 2023
उत्तर --- 18--- 22
दक्षिण --- 95--- 110
पूर्व--- 86--- 97
पश्चिम --- 101 --- 111

1 जनवरी से 31 मई तक के आंकड़े

पदों की ये है स्थिति

पश्चिम स्वीकृत -- 39 उपलब्ध 24

पूर्व स्वीकृत 32 -- मौजूद 22

उत्तर स्वीकृत 29 -- मौजूद 17

दक्षिण स्वीकृत 42 -- मौजूद 20


अभी नोटिफाई नहीं

शहर में चलाई जा रही दुर्घटना अनुसंधान इकाइयां अभी नोटिफाई नहीं हैं। इस कारण ये क्वार्टर और महिला थाने के साथ चलानी पड़ रही हैं। जैसे ही नोटिफाई होंगी, इनके लिए बजट मिलने लगेगा। इसके बाद इन्हें बेहतर तरीके से चलाया जा सकेगा। - राहुल प्रकाश, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, यातायात