
power crisis: बढ़ेगी विद्युत क्षमता, आपूर्ति और उपलब्धता का बनेगा रोडमेप
जयपुर। राज्य के ऊर्जा विभाग द्वारा 2026-27 तक प्रदेश में बिजली की वर्षवार बिजली उपलब्धता, मांग और आपूर्ति व्यवस्था का रोड़मेप बनाया जाएगा। सरकार इसके लिए प्लानिंग व कोआर्डिनेशन सेल का गठन करेगी। यह सेल राज्य की सभी विद्युत कंपनियों से परस्पर समन्वय व संवाद कायम करेगा ताकि सूचनाओं की त्वरित प्राप्ति के साथ ही समयवद्ध निर्णय किए जा सके। ऊर्जा विकास निगम के निदेशक पॉवर ट्रेडिंग पीएस सक्सेना अगले आठ से दस दिनों में विद्युत उत्पादन निगम, तीनों डिस्कॉम, अक्षय ऊर्जा निगम व ऊर्जा विकास निगम सहित संबंधित संस्थाओं के विशेषज्ञ अधिकारियों के साथ तैयारी बैठक कर रोडमेप की रुपरेखा तैयार करेंगे। यह दल राज्य में विद्युत उत्पादन के कंवेशनल सोर्सेज के साथ ही अक्षय ऊर्जा व नवीकरण सोर्सेज से सोलर, विण्ड और बायोमॉस आदि की उपलब्ध क्षमता व भावी संभावनाओं का भी समावेश करेगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि उसके बाद इसी माह आयोजित बैठक में इसे अंतिम रुप देकर राज्य सरकार को उपलब्ध करा दिया जाएगा। वर्ष 2019-20 में राज्य में 6000 मेगावाट उत्पादन क्षमता बढ़ाने की बजट घोषणा की गई थी, जिसे चरणवद्ध तरीके से इस रोडमेप के आधार पर बढ़ाया जाएगा। एनर्जी एफिसिएंसी कमेटी की पहली बैठक जून 2019 में हुई थी। जुलाई 21 में भी आयोजित बैठक में तात्कालीक समाधान पर चर्चा की गई। दिसंबर 2021 के अंत तक विभाग स्तर पर कार्ययोजना को अंतिम रुप दे दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की बजट घोषणाओं को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक व भविष्यदर्शी रोडमेप तैयार किया जाए।
एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के सभी ब्लॉकों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की बजट घोषणा की जा चुकी है। इसके क्रियान्वयन में 17 जिलों में काश्तकारों को दो पारी में दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाने लगी है। चरणवद्ध तरीके से राज्य के अन्य जिलों में भी काश्तकारों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी है। काश्तकारों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने से अब रात को बिजली की मांग कम होगी, तो दिन में पीक अवधि में बिजली की मांग बढ़ेगी।
Published on:
07 Dec 2021 05:45 pm
