
फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई, सहमति से संबंध बनाए और ब्लैकमेल कर लिव इन में रहने व पत्नी से तलाक का दवाब बनाया।
दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में राजस्थान के जलदाय मंत्री महेश जोशी के पुत्र रोहित जोशी ने सोशल मीडिया पर आए युवती के संदेशों को बचाव का आधार बनाया है। दिल्ली के सदर बाजार थाने में दर्ज प्राथमिकी में युवती ने रोहित पर बलात्कार, जबरन गर्मपात और शादी का वादा पूरा नहीं करने के आरोप लगाए हैं, वहीं रोहित जोशी ने याचिका में पूरा मामला हनीट्रैप का बताया है।
याचिका दायर होने के कारण रोहित के मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की चाल धीमी हो गई है। पुलिस सावधानी बरतते हुए याचिका और उसमें बताए तथ्यों के बारे में विधिक परीक्षण करा रही है। पुलिस ने तय किया है कि विधिक राय के बाद ही आगे कदम बढ़ाया जाएगा। इस बीच शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने भी रोहित की याचिका पर 25 मई को सुनवाई की तारीख तय कर दी।
एफआइआर में आरोप— शादी का वादा करके बलात्कार किया।
याचिका में दावा— युवती ने पहली बार संबंध बनाने के दिन के एक साल बाद सवाईमाधोपुर टूर की फोटो साझा कर उस दिन को सेलिब्रेट किया। बाद में भी दोनों कई जगह साथ रहे। यह सब सहमति से हुआ। फरवरी 22 में जयपुर में लिव-इन का दस्तावेज भी नोटरी से तस्दीक कराया। बलात्कार होता तो युवती ऐसा कैसे करती।
एफआइआर में आरोप— शादी का वादा पूरा नहीं किया।
याचिका में दावा — युवती से प्यार करता था, लेकिन पिता राजी नहीं हुए। युवती के प्रभाव में आकर फरवरी 2022 में जयपुर के पारिवारिक न्यायालय में पत्नी से तलाक का प्रार्थना पत्र पेश किया।
एफआइआर में आरोप— जबरन गर्भपात कराया।
याचिका में दावा — युवती ने अपने मैसेज में लिखा है कि उसने दवाई ली, जिसमें मर्जी लग रही है।
एफआइआर में आरोप— जयपुर पुलिस ने दबाव में काम किया।
याचिका में दावा— पांच दिन तक गायब रहने पर पत्नी ने पुलिस को शिकायत की, जिस पर पुलिस दिल्ली से लेकर आई। उस समय वह तनाव में था।
Published on:
21 May 2022 09:48 pm

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