15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब आसान हुआ रुफटॉप सोलर लगाना, ये नया बदलाव…, राजस्थान दूसरे पायदान पर

Rooftop Solar Rajasthan जयपुर। रुफटॉप सोलर में राजस्थान अब दूसरे पायदान पर आ गया है। ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया है। Rajasthan second number केन्द्र सरकार की ओर से जारी फरवरी माह की रिपोर्ट के अनुसार रुफटॉप सोलर योजना के लक्ष्यों के विरुद्ध क्रियान्वयन में गुजरात पहले स्थान पर है। Rooftop Solar Scheme जबकि 10 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित कर राजस्थान सौर ऊर्जा में पहले ही पहले पायदान पर है।

2 min read
Google source verification
अब आसान हुआ रुफटॉप सोलर लगाना, ये नया बदलाव..., राजस्थान दूसरे पायदान पर

अब आसान हुआ रुफटॉप सोलर लगाना, ये नया बदलाव..., राजस्थान दूसरे पायदान पर

Rooftop Solar Rajasthan जयपुर। रुफटॉप सोलर में राजस्थान अब दूसरे पायदान पर आ गया है। ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया है, साथ ही इसके लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी है। Rajasthan second number केन्द्र सरकार की ओर से जारी फरवरी माह की रिपोर्ट के अनुसार रुफटॉप सोलर योजना के लक्ष्यों के विरुद्ध क्रियान्वयन में गुजरात पहले स्थान पर है। Rooftop Solar Scheme जबकि 10 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित कर राजस्थान सौर ऊर्जा में पहले ही पहले पायदान पर है।
ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के चेयरमैन डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि केन्द्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार रुफटॉप सोलर योजना के लक्ष्यों के विरुद्ध क्रियान्वयन में गुजरात के बाद राजस्थान दूसरे नंबर पर आ गया है। रुफटॉप सोलर में प्रदेश में 748 मेगावाट क्षमता विकसित की जा चुकी है। राज्य में अक्षय ऊर्जा निगम की ओर से योजनावद्ध तरीके से रुफटॉप सोलर योजना का क्रियान्वयन किया गया है। अब प्रदेश के लोग भी इस योजना के प्रति रुचि दिखाने लगे है।

समीक्षा बैठक ली, योजना सरल
अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बुधवार को अक्षय ऊर्जा निगम में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार रुफटॉप सोलर योजना को और अधिक सरल बनाने जा रही है। इसके लिए अब स्टेट पोर्टल के स्थान पर नेशनल पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकेगा। इसी तरह से रुफटॉप सिस्टम लगाने के लिए अब एमएनआरई के एंपेनल्ड वेण्डर के साथ ही स्वयं अपने स्तर पर भी सिस्टम लगाने की सुविधा होगी। रुफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर आने वाले खर्च को आरंभ में लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा और फिर अनुदान राशि सीधे लाभार्थी को जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही नई सरलीकृत व्यवस्था के तहत लाभार्थी सरकार के एंपेनल्ड वेंडर या स्वयं अपनी पसंद का सिस्टम लगाने को स्वतंत्र होंगे। लाभार्थी पर किसी तरह की मैक विशेष का सिस्टम या वेंडर विशेष से ही सिस्टम लगाने की बाध्यता नहीं होगी। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि बंजर भूमि पर सोलर सिस्टम लगाने की कुसुम योजना के क्रियान्वयन में राजस्थान अग्रणी प्रदेश बना हुआ है। बैठक में महाप्रबंधक अक्षय ऊर्जा सुनित माथुर सहित अन्य अफसर भी मौजूद रहे।