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शिक्षक-प्रशिक्षण के लिए ‘आरएससीईआरटी’ का गठन

सभी प्रकार के शिक्षक-प्रशिक्षण के लिए अब होगी एक नोडल एजेंसी  

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shiksha sankul

शिक्षक-प्रशिक्षण के लिए 'आरएससीईआरटी' का गठन

जयपुर। राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षक प्रशिक्षण यानी टीचर्स ट्रेनिंग को विश्वस्तरीय मानदंडों पर विकसित किए जाने के लिए राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (आरएससीईआरटी) का गठन किया गया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की जारी गाईडलाइन के अनुसार गठित यह परिषद राज्य में एकेडमिक थिंक टैंक के रूप में शिक्षण, प्रशिक्षण और शोध के कार्य करेगी।
शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने बताया कि राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर (एसआईईआरटी) के स्थान पर पुर्नगठित राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (आरएससीईआरटी) राज्य में समस्त प्रकार के शिक्षक प्रशिक्षण के लिए नोडल एजेन्सी के रूप में कार्य करेगी। यह परिषद प्री-प्राईमरी से सीनियर सैकण्डरी और जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों (डाईट्स) के पाठ्यक्रम निर्माण के साथ ही शिक्षक प्रशिक्षण के साथ मूल्यंाकन और शोध को बढ़ावा देने का भी कार्य केरगी। आरएससीईआरटी राज्य में विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत कक्षा एक से 12 तक के लिए शैक्षिक प्राधिकरण के रूप में स्वायत्ताशाषी परिषद के रूप मे कार्य करेगी। अब जिला स्तर पर स्थापित सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट्स) पुनर्गठित राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रषिक्षण परिषद के नियंत्रणाधीन होंगे। गौरतलब है कि इस नोडल एजेंसी द्वारा प्री-प्राईमरी से सीनियर सैकण्डरी तक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे प्रशिक्षण में एकरूपता आने के साथ ही अनुसंधान से नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

सभी प्रकार के शिक्षक-प्रशिक्षण के लिए अब होगी एक नोडल एजेंसी, शिक्षण प्रशिक्षण को मिलेंगे नए आयाम
देवनानी ने कहा कि राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के गठन से प्रदेश में शिक्षण प्रशिक्षण को नए आयाम मिलेंगे। उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए गठित राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद राजस्थान के शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षण प्रशिक्षण गतिविधियों से जोडऩे के साथ ही भारत सरकार से सीधे समन्वय करते हुए प्रदेश में शिक्षक प्रशिक्षण में नवाचारों के लिए भी विशेष रूप से कार्य करेगी।