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आरएसएलडीसी ने फिर से शुरू की पीडीओटी ट्रेनिंग

ट्रेनिंग लेकर गल्फ देश में रोजगार के लिए जाएंगे श्रमिक

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Aug 12, 2021

आरएसएलडीसी ने फिर से शुरू की पीडीओटी ट्रेनिंग

आरएसएलडीसी ने फिर से शुरू की पीडीओटी ट्रेनिंग



जयपुर, 12 अगस्त
राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (Rajasthan Skill and Livelihood Development Corporation) की ओर से गुरुवार को एक बार फिर पीडीओटी ट्रेनिंग एक बार फिर से शुरू की गई। गौरतलब है कि विदेश में रोजगार की तलाश करने वाले युवाओं के लिए केंंद्र सरकार की ओर से कौशल विकास पहल प्रवासी कौशल विकास योजना संचालित की जा रही है। साथ ही विदेश मंत्रालय ने पूर्व प्रस्थान अभिविन्यास प्रशिक्षण कार्यक्रम (पीडीओटी) की भी शुरुआत की है जिसका उद्देश्य है भारतीय युवाओं के रोजगार के लिए विदेश प्रवास। राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (Rajasthan Skill and Livelihood Development Corporation) प्रदेश में बतौर नोडल एजेंसी यह प्रशिक्षण प्रदान कर रही है।प्रदेश में सीकर, नागौर एवं जयपुर में पीडीओटी के ट्रेनिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं लेकिन लॉकडाउन के दौरान इंटरनेशनल उड़ानों पर रोक लगा दी गई थी और ट्रेनिंग भी बंद पड़ी थी। अब जबकि लॉकडाउन समाप्त हो चुका है और फ्लाइट शुरू हो चुकी हैं ऐसे में प्रवासी श्रमिक फिर रोजगार के लिए गल्फ देशों में जाने की तैयारी में हैं। ऐसे में अब राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम ने उन्हें फिर से प्रशिक्षण देना शुरू किया है। आरएसएलडीसी के चेयरमैन नीरज के पवन ने कहा की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कुशल कामगारों की मांग एक बार पुन: बढ़ रही है कोविड महामारी के कारण यह काफी समय प्रभावित रही लेकिन अब स्थितियों में सुधार दिख रहा है। पीडीओटी प्रशिक्षण खास कर उन क्रमिको के लिए है जिन्हें उच्च शिक्षा के अभाव में कई देशों की यात्रा से पूर्व इमिग्रेशन चेक करवाना अनिवार्य होता है। विदेश जाकर नौकरी करने के इच्छुक अभ्यार्थियों को जागरूक करने का कार्य विदेश मंत्रालय ने राजस्थान में नामित केन्द्रों के रूप में एक घंटे पीडीओटी प्रदान करने की जिम्मेदारी आरएसएलडीसी को सौंपी गई है। पीडीओटी का उदृेश्य गंतव्य देश की संस्कृति, भाषा, परंपरा और स्थानीय नियमों और विनियमों के संदर्भ में प्रवासी श्रमिकों में साफ्ट स्किल को बढ़ाना, उन्हें सुरक्षित और कानूनी प्रवास के रास्ते और उनके कल्याण व सुरक्षा के लिए विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के बारे में संवेदनशील बनाना है।