जयपुर

अफसर बदलते ही याद आए नए नियम, 3.45 करोड़ का टेंडर जारी करने में जुटा निगम

-:आरएसएलडीसी में खेल...निगम में 126 कार्मिकों को लगाने की प्रक्रिया पर सवाल जिन अधिकारियों ने नियम विरूद्ध बताकर टेंडर निरस्त किया, उसके जाते ही अब चहेतों को देने की तैयारी

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Aug 31, 2023


जयपुर। राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (आरएसएलडीसी) में 126 कार्मिकों को लगाने की प्रक्रिया विवादों में आ गई है। निगम ने तीन महीने जून में 3.45 करोड़ का टेंडर निकाला। लेकिन महज दोे कंपनियां आने पर पारदर्शिता के लिए टेंडर को नियम विरूद्ध बताकर निरस्त कर दिया। अफसरों के तबादले के बाद निगम इस टेंडर को वापस जारी करने में जुट गया है। इस बार भी दो ही कंपनी टेंडर प्रक्रिया में शामिल हुई हैं। नियम विरूद्ध होने के बाद भी निगम निरस्त करने के बजाय टेंडर जारी में जुटा है। अफसरों ने इस बार गली निकाली है।

जिसने नियम शर्तें बनाई उसी को शामिल किया
दोनों टेंडर प्रक्रिया में शामिल हुई दो में से एक कंपनी वह है, जिसने इस टेंडर की नियम-शर्तें बनाई। पारदर्शिता लाने के लिए टेंडर तैयार करने में भागीदार रही कंपनी या उससे जुड़ी कोई भी फर्म को प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाता। चहेतों को फायदा देने के लिए नियमों को भी दरकिनार किया जा रहा है। निगम की ओर से प्रोजक्ट मैनेजमेंट यूनिट में कार्मिकों को लगाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

पहले आदेश में बताया नियम विरूद्ध
राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता नियम, 2013 के नियम 63 के बिंदु संख्या 4 में अंकित है कि तकनीकी मूल्यांकन में अर्हित फर्म की संख्या तीन से कम नहीं होनी चाहिए। निविदा में फर्म की संख्या केवल दो है। इसीलिए निविदा निरस्त की जाती है।

अब सामने आया यह नियम
तकनीकी मूल्यांकन में फर्म की संख्या तीन से कम नहीं होनी चाहिए, लेकिन संख्या तीन से कम है और संस्था आवश्यक मानती है कि प्रक्रिया को जारी रखना है तो कारणों को अभिलिखित किया जाएगा।
सवाल है कि निगम इस टेंडर को जारी करने मेें क्यों जल्दबाजी कर रहा है।

सवाल इसीलिए उठ रहे
-- नियम शर्तें बनाने वाली फर्म को ही वापस इस प्रक्रिया में क्यों शामिल किया
--जून में जिन अधिकारियों ने नियम विरूद्ध बताकर टेंडर निरस्त किया तो उन नियमों का अवहेलना क्यों
--अगर टेंडर प्रक्रिया सही है तो पहले निविदा निरस्त क्यों की
-- टेंडर का प्रचार-प्रसार के लिए समय क्यों कम रखा गया
--नियम ही ऐसे क्यों बनाए, जिससे दो ही कंपनी योग्य हो

--पहले तीन से कम कंपनी आने पर टेंडर निरस्त किया था। पिछले और अब दो ही कंपनी आई है। हमने कंपनी से अनुमोदन ले लिया है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाना पड़ेगा।
भूपेन्द्र यादव, महाप्रबंधक प्रशासन, आरएसएलडीसी

Published on:
31 Aug 2023 12:29 pm
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