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नागौर में आरएसएससी ने बेच दिया खराब बीज

आरएसएससी द्वारा बेचे गए बीज की गुणवत्ता पर उठे सवालअधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

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जयपुर

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Suresh Yadav

Sep 27, 2019

नागौर में आरएसएससी ने बेच दिया खराब बीज

नागौर में आरएसएससी ने बेच दिया खराब बीज

जयपुर।
नागौर जिले में कृषि विभाग के राजस्थान राज्य बीज निगम लिमिटेड (RSSC) की ओर से खरीफ सीजन में बेचे गए बीज की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। किसानों ने आरएसएससी से राज सीड्स का बीज खरीदकर बुआई की, लेकिन बाजरा सहित मूंग व ग्वार की फसलें किसानों को दगा दे गई। दूसरी बीज कम्पनियों की तुलना में कमजोर फसल होने पर कम उत्पादन की आशंका के चलते किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी, जिस पर विभागीय अधिकारियों ने सम्बन्धित खेतों का निरीक्षण करने के बाद किसानों की शिकायत को सही मानते हुए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। जानकारी के अनुसान मूण्डवा पंचायत समिति के खुडख़ुड़ा निवासी किसान लिछमनराम जाट ने कृषि विभाग के उपनिदेशक को शिकायत सौंपकर बताया कि उसने जुलाई में बारिश होने के बाद राज सीड्स का बाजरा, मूंग व ग्वार का बीज खरीदा और खेतों में बोया, लेकिन समय-समय पर बारिश होने के बावजूद उसके खेत की फसलें अन्य खेतों की तुलना में काफी कमजोर रह गई। जिससे उसे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। इसी प्रकार जिले के जायल, लाडनूं, खींवसर आदि क्षेत्रों के किसानों ने भी राज सीड्स के बाजरा बीज की शिकायत की, जिस पर कृषि विभाग के उपनिदेशक हरजीराम चौधरी व कृषि अधिकारी (पौध सरंक्षण) शंकरराम सियाक ने खुडख़ुड़ा पहुंचकर फसल का निरीक्षण किया।
कृषि अधिकारियों ने बताया कि खुडख़ुड़ा निवासी कृषक लिछमणराम के खेत में राज सीड्स का कृषि विभाग द्वारा बेचे गए अनुदानित बाजरा बीज ( एमपीएमएच-21) की फसल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कृषक के खेत में बाजरे की खड़ी फसल का अवलोकन करने पर पाया गया कि बाजरा की ऊंचाई सामान्य से कम व सिट््टों की संख्या प्रति पौधा एक ही पाई गई। यही नहीं सिट्टे का आकार भी सामान्य से कम पााया गया, जबकि हाईब्रिड बाजरे में प्रति पौधा कम से कम 3 से 4 सिट्टे निकलने चाहिए। अवलोकन करने पर पाया गया कि उक्त किस्म का बीज औसत से भी निम्न गुणवत्ता का है जिससे उत्पादन काफी कम रहने की संभावना बनती है। पास ही में अन्य कृषकों के खेतों का निरीक्षण करने पर पाया कि राज सीड्स के कृषि विभाग द्वारा बेचे गए बाजरा बीज की बजाए अन्य किस्मों की बुआई की गई। जिससे इन खेतों में बाजरा फसल अच्छी स्थिति में सामान्य ऊंचाई और प्रति पौधा सिट्टों की संख्या अच्छी पाई गई।

दूसरी ओर कृषि विभाग के उप निदेशक हरजीराम का कहना है कि कृषक की शिकायत पर खेतों में पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया, जिसमें राज सीड्स के बाजरा बीज की फसल अन्य किस्मों की तुलना में काफी निम्न गुणवत्ता वाली तथा उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।

कुल मिलाकर आरएसएससी की इस लापरवाही का खामियाजा तो किसानों को भी भुगतना होगा। ऐसे में कृषि वैााानिकों की उपयोगिता पर भी सवाल उठने लगे हैं।