
जयपुर. राजस्थान पर्यटन विकास निगम (आरटीडीसी) की कार्यशैली को लेकर पर्यटन ंमंत्री विश्वेंद्र सिंह सवाल उठा चुके हैं। वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर जांच तक की मांग कर चुके हैं। वहीं, आरटीडीसी के अधिकारियों ने मिलीभगत से पहले से ही तिगुनी तनख्वाह पर रखे संविदाकर्मी का कार्यकाल छह माह के लिए और बढ़ा दिया। पैलेस ऑन व्हील के महाप्रबंधक रहे प्रदीप बोहरा का कार्यकाल 31 अप्रेल से छह माह के लिए और बढ़ा दिया है। नवम्बर, 2017 में बोहरा की नियुक्ति दी थी। तभी से तनख्वाह के रूप में 60 हजार रुपए प्रति माह दिए जा रहे हैं, जबकि नियमों के मुताबिक 19500 रुपए अधिकतम भुगतान किया जा सकता है। 11 सितम्बर 2019 को हुई बोर्ड की बैठक में साफ कह दिया गया था कि आरटीडीसी पैलेस ऑन व्हील्स के लिए स्थाई महाप्रबंधक का इंतजाम कर ले, लेकिन पिछली बोर्ड बैठक में कार्यकाल बढ़ाने का कोई एजेंडा ही नहीं गया।
शाही ट्रेन: कब चलेगी किसी को नहीं पता
कोरोना की वजह से इस बार शाही ट्रेन के फेर रद्द हुए और बाद में ट्रेन का संचालन ही बंद कर दिया। सितम्बर से शही ट्रेन का संचालन होगा या नहीं। इस पर कोई भी अधिकारी बोलने का तैयार नहीं है। क्योंकि ट्रेन में सबसे अधिक पर्यटक अमरीका, ब्रिटेन, फ्र ांस और रूस से आते हैं।
नियुक्ति से ही विवाद
-बोहरा की संविदा पर 29 अक्टूबर 2017 को नियुक्ति दे दी गई, जबकि वे महाप्रबंधक के पद से 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हुए।
-पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह पहली बार बैठक लेने पर्यटन भवन पहुंचे। उन्होंने नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा क्या 120 करोड़ लोगों में एक ही व्यक्ति काबिल है?
सरकार के निर्णय पर भी सवाल
सरकार ने नए लोगों को मौका मिले, इसके लिए संविदाकर्मियों की भर्ती पर रोक लगा रखी है। जरूरी होने पर मुख्यमंत्री तक पत्रावली तक जाएगी। सूत्रों की मानें तो इस मामले में पत्रावली वित्त विभाग तक भी नहीं भेजी है।
Published on:
10 May 2020 07:02 am
