
जयपुर।
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के दौरान कथित भ्रष्टाचार की जांच गहलोत सरकार से करते हुए 'एक तीर से दो निशाना' साधा है। पायलट के एक बार फिर सार्वजनिक रूप से बगावती रुख ने सियासी गलियारों में हलचलें बढ़ा दी हैं। पायलट के अपनी ही सरकार के खिलाफ अनशन के ऐलान के बाद कांग्रेस आलाकमान एक्शन में आता दिख रहा है, तो वहीं विरोधी दलों ने भी कांग्रेस के अंदरखाने चल रहे घमासान के गरमाए मुद्दे को भुनाने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं।
गौरतलब है कि पायलट ने रविवार को अपने निवास पर मीडिया से बातचीत में आरोप जड़ा कि गहलोत जनता से वादा करने के बावजूद पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के कथित घोटालों की जांच नहीं करा रहे हैं। जबकि गत वर्ष मार्च और नवम्बर में मैंने गहलोत को पुन: पत्र लिखकर घोटालों की जांच कराने की मांग की। इसके बावजूद गहलोत ने न तो कोई जवाब दिया न ही कोई कार्रवाई की। अब मैं इन घोटालों की जांच की मांग लेकर मंगलवार को शहीद स्मारक पर एक दिन का अनशन करुंगा। पायलट ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती का दिन चुना है।
'अनशन' के दिन सीएम गहलोत का ऐलान
सीएम अशोक गहलोत की भले ही सचिन पायलट की मांग पर प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन उन्होंने पायलट के अनशन के दिन को लेकर एक बड़ा ऐलान ज़रूर कर दिया। गहलोत सरकार समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती के मौके पर 11 अप्रेल को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक अवकाश के प्रस्ताव को मंजूरी दी। अभी तक फुले जयंती पर ऐच्छिक अवकाश ही दिया जा रहा था। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से पहले सचिन पायलट ने इसी दिन अनशन पर बैठने का ऐलान किया था।
सीएम गहलोत की 'चुप्पी', 'पलटवार' का इंतज़ार
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के दौरान कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रतिक्रिया का फिलहाल इंतज़ार है। तय है कि सीएम गहलोत की प्रतिक्रिया के बाद ये मसला अभी और गरमाने वाला है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के साथ ही विरोधी दलों की भी नज़रें गहलोत के संभावित बयान पर टिकी हुई हैं।
गौरतलब है कि इस ताज़ा घटनाक्रम से पहले जब पायलट ने ठीक ऐसे ही सरकार विरोधी तेवर दिखाए थे तब मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया था। सीएम गहलोत ने पायलट समेत तीन मंत्रियों को बगावत करने के कारण बर्खास्त कर दिया था। वहीं पायलट और समर्थित नेताओं के हरियाणा के मानेसर में कैंप करने को लेकर एक के बाद एक तल्ख़ टिप्पणियां भी की थीं।
वसुंधरा की जगह भाजपा नेताओं ने संभाला मोर्चा
पायलट के बगावती तेवरों से मचे घमासान के बीच सीएम गहलोत की तर्ज पर पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की भी कोई प्रतिक्रिया फिलहाल नहीं आई है। हालांकि उनकी पूर्ववर्ती सरकार के दौरान कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाये जाने पर भाजपा के सीनियर नेताओं ने फ़ौरन मोर्चा संभाल लिया। इन नेताओं ने पायलट पर पलटवार करने में ज़रा भी दे रही लगाई। ऐसे में सभी को पूर्व सीएम वसुंधरा की प्रतिक्रिया का भी बेसब्री से इंतज़ार है।
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कांग्रेस के काले कारनामों की जांच की करें मांग : राठौड़
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बयान पर पलटवार किया है। राठौड़ ने कहा कि उन्हें पूर्ववर्ती भाजपा शासन पर अनर्गल आरोप लगाने की बजाय अपनी ही कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार के मामलों की भी जांच की मांग उठानी चाहिए थी, दुर्भाग्य रहा कि उन्होंने अपनी ही सरकार के काले कारनामों पर एक शब्द भी नहीं बोला।
राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत और पायलट के बीच की अंतर्कलह इस कदर बढ़ी हुई है कि अब पायलट अपनी ही सरकार के खिलाफ 11 अप्रेल को अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत शासन में प्रत्येक विभाग व योजना में भ्रष्टाचार का तांडव है। अच्छा रहे कि हर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के एक-एक मिनी मुख्यमंत्री के कारनामों की भी जांच कराई जाए, ताकि भ्रष्टाचार की हकीकत प्रदेश की जनता को पता चल सके। राठौड़ ने कहा कि अडानी समूह को सिंगल टेंडर के जरिए 1042 करोड़ रुपए से अब तक का सबसे महंगा 5.79 मिलियन टन कोयला खरीदने की मंजूरी में भ्रष्टाचार हुआ है। पायलट को इसकी जांच की मांग भी करनी चाहिए।
‘झगड़े इनके आपस के, कीमत चुका रही जनता’
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भ्रष्टाचार को लेकर पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के गहलोत सरकार के खिलाफ अनशन करने की घोषणा पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि झगड़े इनके आपस के हैं और कीमत राजस्थान की जनता चुका रही है। अब चुनाव का समय आया तो फिर से एक होने के बहाने बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि गहलोत सरकार का हर एक मंत्री, हर एक विधायक अपनी ही सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन करे, तब भी इनके पाप कम नहीं गिने जाएंगे।
पायलट के संग खाचरियावास, बोले...सरकार करे कार्रवाई
केबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सचिन पायलट के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि पायलट पार्टी के एसेट हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार के जो मामले उठाए हैं उन पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। खाचरियावास ने रविवार को पायलट की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अपने सरकारी निवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पायलट जिन मुद्दों को उठा रहे हैं उस पर सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। यदि जरूरत पड़ी पार्टी के तमाम कार्यकर्ता भी भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर सड़कों पर उतर सकते हैं।
खाचरियावास ने कहा कि मैंने और पायलट ने विपक्ष में रहते हुए भाजपा के भ्रष्टाचार को जनता में उजागर किया था और ये वादा किया था कि हमारी सरकार आने पर इनके खिलाफ जांच करेंगे, खाचरियावास ने भाजपा पर विपक्ष की भूमिका निभाने में पूरी तरीके से नाकाम रहने का आरोप लगाया।
Published on:
10 Apr 2023 01:43 pm
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