28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

साधु बना शैतान: 23 साल बाद घर लौटा, नाबालिग भांजी को देख बिगड़ी नीयत और फिर…

जयपुर के गांधी नगर थाना पुलिस ने किया आरोपी मामा को गिरफ्तार, घर छोड़कर बन गया था साधु, 23 वर्ष बाद लौटा तो नाबालिग भांजी का अपहरण कर किया बलात्कार, पुलिस ने रखा था पांच हजार रुपए का इनाम

less than 1 minute read
Google source verification
raped

साधु बना शैतान: 23 साल बाद घर लौटा, नाबालिग भांजी को देख बिगड़ी नीयत और फिर...

नाबालिग भांजी के अपहरण के मामले में गांधी नगर थाना पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी मामा को गिरफ्तार किया। पीडि़त भांजी ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने अपहरण के बाद बलात्कार भी किया। करीब आठ माह पुराने इस मामले को लेकर कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका भी लगी थी। पुलिस ने आरोपी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।

तत्कालीन थानाधिकारी बलवीर सिंह ने थाने की स्पेशल टीम के हेड कांस्टेबल बाबूलाल और कांस्टेबल सुभाष चंद को आरोपी व किशोरी की तलाश में लगाया था। टीम को सूचना मिली कि आरोपी को एसएमएस अस्पताल के पास देखा गया है। टीम वहां पर पहुंची तो आरोपी भाग गया, लेकिन उसकी भांजी वहां मिल गई। भांजी से मिली जानकारी पर आरोपी को पीछा कर पकड़ा।

पुलिस ने बताया कि आरोपी मूलत: अलवर का रहने वाला है। उसकी बहन कोटपूतली क्षेत्र में रहती है। करीब आठ माह पहले आरोपी बहन को इलाज के बहाने जयपुर में एसएमएस अस्पताल लेकर आया था। इस दौरान करीब 15 वर्षीय भांजी भी साथ आ थी। नारायण सिंह तिराहा पर आरोपी ने बहन को झांसा देकर छोड़ दिया और भांजी को साथ ले गया।

जंगल-सुनसान स्थान पर रखा

थानाधिकारी उदयभान यादव ने बताया कि 50 वर्षीय आरोपी युवा अवस्था में घर छोड़कर चला गया था। शिव, बाड़मेर के एक मंदिर में साधु बनकर रहने लगा। करीब 23 वर्ष बाद लौटा और परिवार में मेल-जोल बढ़ाने लगा। इस दौरान भांजी को देखकर उसकी नियत बिगड़ गई। आरोपी भांजी को जंगल में और सुनसान स्थानों पर ले जाकर रखकर बलात्कार किया। पैसों की जरूरत होने पर जयपुर आया था।

Story Loader