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‘Sang Kabir Music Festival’- कबीर के विचार जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास

जवाहर कला केंद्र के सहयोग से बीकानेर के सांस्कृतिक संगठन लोकायन और राजस्थान कबीर यात्रा के सहयोग से दो दिवसीय 'संग कबीर म्यूजिक फेस्टिवल' का शनिवार को आगाज हुआ। फेस्ट का उद्घाटन कला और संस्कृति मंत्र बीडी कल्ला ने किया। फेस्टिवल के पहले दिन दर्शकों ने कालूरामजी बामणिया एंड ग्रुप मुर्शिदाबादी प्रोजेक्ट और मीर बसु एंड ग्रुप जैसे प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Feb 26, 2022

'Sang Kabir Music Festival'- कबीर के विचार जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास

'Sang Kabir Music Festival'- कबीर के विचार जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास


'संग कबीर म्यूजिक फेस्टिवल' का आगाज
. कालूरामजी बामनिया मुर्शिदाबादी प्रोजेक्ट और मीर बसु एंड ग्रुप ने दी प्रस्तुति
लोकायन व राजस्थान कबीर यात्रा की ओर से जेकेके में हो रहा आयोजन
जयपुर। जवाहर कला केंद्र के सहयोग से बीकानेर के सांस्कृतिक संगठन लोकायन और राजस्थान कबीर यात्रा के सहयोग से दो दिवसीय 'संग कबीर म्यूजिक फेस्टिवल' का शनिवार को आगाज हुआ। फेस्ट का उद्घाटन कला और संस्कृति मंत्र बीडी कल्ला ने किया। फेस्टिवल के पहले दिन दर्शकों ने कालूरामजी बामणिया एंड ग्रुप मुर्शिदाबादी प्रोजेक्ट और मीर बसु एंड ग्रुप जैसे प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
इस अवसर पर मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने राजस्थान कबीर यात्रा को पूरे राज्य में ले जाने के लिए लोकयान संगठन की सराहना की और जवाहर कला केंद्र को दो दिवसीय संगीत समारोह की मेजबानी के लिए उनके सहयोग के लिए बधाई दी। डॉण् कल्ला ने कहा कि कबीर लोगों के कवि हैं और कबीर की सभी रचनाएं प्रत्येक पठन में नए नए रहस्य उजागर करती हैं। उन्होंने युवाओं को परिपूर्ण जीवन के लिए संगीत, साहित्य और कला के प्रति रुचि और उत्साह विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र के कालूरामजी बामणिया एंड ग्रुप ने भक्ति रस और वाणियों के साथ कबीर भजन प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। 5.स्ट्रिंग वाले तंबूरा और खड़ताल की ताल उनके भक्ति संगीत पर दर्शक झूम उठे। बंगाल के प्रसिद्ध ग्रुप मुर्शिदाबादी प्रोजेक्ट द्वारा 'साउंड्स ऑफ द सूफीज' की प्रस्तुति दी गई। इसमें सितार पर श्वेतकेतु बनर्जी और वोकल्स पर सौम्यदीप मुर्शिदाबादी ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के पहले दिन का समापन मेलोडीज फ्रॉम द थार के साथ हुआ, जिसमें राजस्थान के पुगल के मीर बसु एंड ग्रुप ने मधुर संगीत दिया।
इसके अवाला संग कबीर आर्ट सर्कल के भाग के रूप में कलाकार अमित कल्ला की कार्यशाला 'रंगरेज' का भी आयोजन किया गया। इसमें विजुअल और परफॉर्मिंग आर्ट फॉर्म का समन्वय भी देखने को मिला।
रविवार को लखनऊ के हिमांशु बाजपेयी और चेन्नई के वेदांत भारद्वाज 'कबीर की दास्तान.म्यूजिकल दास्तानगोई' की प्रस्तुति शाम सात बजे होगी। इसके बाद मुंबई के प्रसिद्ध युवा कबीर बैंड नीरज आर्य कबीर कैफे द्वारा विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। शाम 4 से 5.30 बजे तक संग कबीर आर्ट सर्कल के भाग के रूप में दर्शन सिंह द्वारा 'एक्सप्लोरिंग स्पीच एंड साउंड' पर एक सत्र और शाम 4 बजे से कला क्यूरेटर कवि और कलाकार मनु का 'ड्रम सर्कल' पर भी एक सत्र होगा।