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Chomu Mandi : किसानों के लिए खुशखबरी! चौमूं का जौ पहुंचा बीयर फैक्ट्रियों में, मंडियों में बढ़ी मांग, ताजा भाव जानें

Chomu Mandi Bhav : चौमूं की कृषि उपज मंडी में जौ की फसल ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। कटाई के साथ ही मंडी में रोजाना 45 हजार कट्टों की आवक हो रही है।

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Chomu barley price

चौमूं कृषि उपज मंडी में जौ जिंस की बोली लगाते व्यापारी। फोटो पत्रिका

चौमूं (जयपुर)। इस बार चौमूं की कृषि उपज मंडी में जौ की फसल ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। कटाई के साथ ही मंडी में रोजाना 45 हजार कट्टों की आवक हो रही है। माल्ट कंपनियों की सीधी मांग और दिल्ली-गुरुग्राम वेयरहाउस तक खपत पहुंचने से शुरुआती भावों में उछाल दर्ज हुआ है। पिछले साल जहां जौ 2200 रुपए प्रति क्विंटल बिका था, वहीं इस बार शुरुआती भाव 2300 रुपए तक पहुंच गए हैं।

जानकारी के अनुसार शहर की अनाज मंडी में चौमूं, आमेर, शाहपुरा परिक्षेत्र के अलावा बाहरी जिलों से भी किसान जौ बेचने पहुंच रहे है। शनिवार को किसान तकरीबन 45 हजार कट्टे लेकर पहुंचे। मंडी दुकानों के आगे जौ जिंस की ढेहरियां नजर आई। दोपहर में जाम की स्थिति भी बनी रही। व्यापारियों का कहना है कि जौ का शुरूआती भाव 2300 तक बोले जा रहे है।

माल्ट कंपनियों की सीधी मांग

व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने बताया कि चौमूं मंडी में आने वाला लगभग 90 प्रतिशत जौ सीधे गुरुग्राम और अन्य स्थानों पर माल्ट फैक्ट्रियों में जाता है। वहां से यह बीयर फैक्ट्रियों तक पहुंचता है। शेष 10 प्रतिशत जौ स्थानीय फैक्ट्रियों में घाट (गुली का दलिया) बनाने के लिए जाता है, जिसका उपयोग गर्मियों में राबड़ी बनाने में होता है।

पैदावार और गुणवत्ता

इस बार चौमूं सहित झोटवाड़ा कृषि विस्तार क्षेत्र में करीब 18,178 हेक्टेयर में जौ की बुवाई हुई थी। हालांकि मावठ कम होने से पैदावार पर असर पड़ा और दाना थोड़ा कमजोर रहा, लेकिन भाव अच्छे मिलने से किसान खुश है। यहां के जौ की गुणवत्ता बढिया मानी जाती है। यहां के जौ में 40 से 42 प्रतिशत गिरी निकलती है, जो बीयर उत्पादन के लिए उपयुक्त है। यही कारण है कि माल्ट कंपनियां यहां के जौ की मांग करती हैं।

कम पानी में तैयार फसल

किसान बाबूलाल डांगी ने बताया कि गेहूं की तुलना में जौ की फसल कम पानी में तैयार हो जाती है। जहां गेहूं को 8-9 पानी देने पड़ते हैं, वहीं जौ केवल 3-4 पानी में तैयार हो जाता है। यही वजह है कि चौमूं सहित अन्य क्षेत्रों में जौ की पैदावार अधिक होती है।

भाव बढ़ने की उम्मीदें

मंडी में जौ लेकर पहुंचे किसान पूरण जाट ने बताया कि शुरुआती भाव अच्छे हैं और सीजन में भाव और बढ़ने की उम्मीद है। माल्ट कंपनियों की बढ़ती मांग से भाव बढिया चल रहे है।

इनका कहना है

चौमूं की कृषि उपज मंडी में जौ जिंस की बंपर आवक हो रही है। भाव भी बढियां मिल रहे है।

सूबे सिंह, सचिव, कृषि उपज मंडी समिति चौमूं।