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संकट में सांगानेर का कपड़ा उद्योग

उद्यमियों ने उद्योग मंत्री से लगाई गुहार

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jaipur

संकट में सांगानेर का कपड़ा उद्योग

जगमोहन शर्मा

जयपुर. सांगानेर में ढाई सौ साल पुराना कपड़ा रंगाई-छपाई का उद्योग इन-दिनों सरकारी अफसरशाही के चंगुल में फंसकर मुश्किलों का सामना कर रहा है। दरअसल सांगानेर के कपड़ा उद्योग को प्रदूषण मुक्त करने के लिए जिस सीईटीपी का उद्घाटन तत्कालीन केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने 25 फरवरी 2019 में कर दिया था, उसके तीन साल बाद भी यह प्लांट शुरू नहीं हो पाया है।
अब सांगानेर की कपड़ा रंगाई छपाई की 900 इकाइयों में से 76 इकाइयों के बिजली कनेक्शन काटने के लिए राजस्थान स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड बिजली विभाग पर दबाव बना रह है। इनमें से 6 इकाइयों के बिजली कनेक्शन काटे भी जा चुके हैं। इसके विरोध में सांगानेर कपड़ा रंगाई छपाई एसोसिएशन उद्योग मंत्री शकुंतला रावत से मिला। इसमें अध्यक्ष देवीशंकर खत्री और महासचिव राजेंद्र जींदगर के साथ कांग्रेसी नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज और एसोसिएशन के कई सदस्य शामिल थे। अध्यक्ष देवीशंकर खत्री का कहना है कि सभी 76 इकाइयों में प्राइमरी ट्रीटमेंट प्लांट लगे हुए हैं, सरकार चाहे तो फिर से एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ मिलकर निरीक्षण करा सकती है।
मंत्री ने दिया आश्वासन...
दूसरी ओर अहमदाबाद की कंपनी एडवेंट एन्वायरो को यहां केंद्र और राज्य सरकार ने सीईटीपी लगाने का काम सौंपा था। इसकी कुल लागत में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र सरकार, 25 प्रतिशत राज्य सरकार और 25 प्रतिशत एसोसिएशन को वहन करनी थी। पदाधिकारियों ने उद्योग मंत्री से गुहार लगाई है कि 76 इकाइयों के बिजली कनेक्‍शन काटने के आदेशों के साथ कंपनी के डायरेक्‍टर्स के खिलाफ मुकदमे वापस लिए जाएं। राज्य सरकार सीईटीपी के प्रोजेक्ट को अपने हाथ में लेकर इसे चालू करे। उद्योग मंत्री ने पूरे मामले की जानकारी लेकर सांगानेर के उद्यमियों को राहत देने का आश्वासन दिया है।