
PM Modi and Dr Satish Poonia - File PIC
राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता डॉ. सतीश पूनिया की एक 'शिकायत' सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच गई है। खास बात यह है कि यह शिकायत किसी राजनीतिक विरोधी ने नहीं, बल्कि खुद डॉ. सतीश पूनिया के बेटे महिप पूनिया ने बेहद सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया के जरिए की है। हालांकि इस 'शिकायत' के पीछे का कारण कोई विवाद नहीं, बल्कि एक बेटे की अपने पिता के स्वास्थ्य के प्रति गहरी चिंता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से की गई एक संवेदनशील अपील है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह अनूठा संवाद अब इंटरनेट पर वायरल हो चुका है, जिसे लोग राजनीति से परे एक शुद्ध पारिवारिक स्नेह के रूप में देख रहे हैं और इस पर लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। यही वजह है कि राजस्थान की सियासत के गलियारों और डिजिटल मीडिया में इस समय ये दिलचस्प खबर सुर्खियां बटोर रही है।
इस पूरे दिलचस्प घटनाक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल से जारी एक पोस्ट से हुई थी। देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बढ़ रहे पारे और प्रचंड गर्मी (Heatwave) के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने देश के आम नागरिकों की सुरक्षा और सेहत को ध्यान में रखते हुए एक बेहद संवेदनशील और भावनात्मक अपील साझा की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा था, "देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। कृपया स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें। जब भी संभव हो, अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और अन्य प्रियजनों को फोन कर उनका हालचाल अवश्य पूछें। उन्हें पर्याप्त पानी पीने, दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलने और जितना हो सके, आराम करने की सलाह दें।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस पोस्ट को पढ़कर राजस्थान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया के बेटे महिप पूनिया खुद को रोक नहीं पाए। डॉ. सतीश पूनिया इस भीषण गर्मी के मौसम में भी लगातार संगठनात्मक दौरों और राजनीतिक बैठकों में व्यस्त चल रहे हैं, इसलिए महिप ने प्रधानमंत्री की इसी पोस्ट को रीट्वीट करते हुए एक बेहद अनूठा और सीधा जवाब लिख दिया।
महिप पूनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को बकायदा टैग करते हुए लिखा, "सर मेरे पिता आपकी बात नहीं मान रहे और हरियाणा संगठन की बैठक ले रहे हैं… आप कहिए एक बार।"
महिप का यह ट्वीट पोस्ट होते ही देखते ही देखते सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। एक बेटे द्वारा देश के सबसे शक्तिशाली पद पर बैठे प्रधानमंत्री से अपने पिता की ऐसी मासूम और फिक्रमंद शिकायत करने के इस 'आउट ऑफ द बॉक्स' अंदाज को नेटिजन्स बेहद पसंद कर रहे हैं।
राजस्थान भाजपा की कमान संभाल चुके डॉ. सतीश पूनिया को पार्टी आलाकमान ने वर्तमान में हरियाणा राज्य के संगठनात्मक चुनाव प्रभारी जैसी महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंप रखी है। हरियाणा में आगामी सांगठनिक गतिविधियों और बैठकों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए डॉ. पूनिया पिछले कई दिनों से लगातार ग्राउंड पर एक्टिव हैं और भारी तापमान के बावजूद बैक-टू-बैक बैठकें ले रहे हैं।
पारिवारिक स्तर पर जहां बच्चे चाहते हैं कि उनके माता-पिता इस मौसम में अपनी सेहत का ख्याल रखें और दोपहर की धूप में बाहर न निकलें, वहीं डॉ. सतीश पूनिया एक अनुशासित राजनेता की तरह अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही वजह रही कि बेटे महिप ने अपने पिता को आराम करवाने के लिए सीधे उनके 'बॉस' यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शरण ली और उनसे इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध कर डाला।
महिप पूनिया ने जिस मूल ट्वीट पर यह प्रतिक्रिया दी, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को अत्यधिक गर्मी और लू के थपेड़ों से बचने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दिए थे। पीएम मोदी ने अपने संदेश में समाज के कमजोर तबकों और पशु-पक्षियों के प्रति भी संवेदनशीलता बरतने की पुरजोर वकालत की थी।
पीएम मोदी ने लिखा था, "अत्यधिक गर्मी से होने वाली परेशानी, जैसे चक्कर आना, मतली या ज्यादा थकान लगे तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यदि आपके आसपास किसी व्यक्ति को अचानक बेहोशी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या फिर अस्वस्थ दिखाई दे, तो उसे तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं। उसे पानी, ORS या अन्य तरल पदार्थ दें, जिससे शरीर को राहत मिल सके। बच्चे, बुजुर्ग और धूप में काम करने वाले लोग इस भीषण गर्मी में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। समय रहते ध्यान न देने पर यह स्थिति हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या का रूप ले सकती है। ऐसे समय में आपकी सतर्कता और देखभाल किसी का जीवन बचा सकती है।"
अपने संदेश के अंतिम हिस्से में प्रधानमंत्री ने सामाजिक करुणा का जिक्र करते हुए लिखा था, "ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है। यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें। मैं ऐसे लोगों की सराहना भी करूँगा जो अपने घरों के और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके। इस प्रचंड गर्मी में हमें अपने आसपास के पशु-पक्षियों को भी नहीं भूलना चाहिए। अपने घर, बालकनी, छत, दुकान या ऑफिस के बाहर पानी से भरा एक छोटा-सा बर्तन रखना भी किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान बन सकता है। आइए, इन कठिन दिनों में पूरी संवेदनशीलता और करुणा के साथ एक-दूसरे का ध्यान रखें।"
प्रधानमंत्री की इसी व्यापक और मानवीय अपील के बाद ही महिप पूनिया ने अपने पिता डॉ. सतीश पूनिया को भी इस संवेदनशीलता के दायरे में लाते हुए आराम करने की सलाह दिलवाने के लिए यह पूरा डिजिटल प्रयास किया, जिसकी गूंज अब दिल्ली से लेकर जयपुर और हरियाणा तक सुनाई दे रही है।
डॉ. सतीश पूनिया और उनके परिवार का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक बेहद गहरा और पुराना आदरपूर्ण संबंध रहा है। गौरतलब है कि पिछले साल ही डॉ. सतीश पूनिया ने देश की राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सपरिवार एक बेहद आत्मीय औपचारिक मुलाकात की थी। इस खास मुलाकात के दौरान डॉ. पूनिया की पत्नी के साथ उनके बेटे महिप पूनिया भी स्वयं मौजूद थे।
उस मुलाकात के दौरान भी प्रधानमंत्री ने पूनिया परिवार के साथ बेहद अनौपचारिक और घरेलू माहौल में बातचीत की थी। यही कारण है कि महिप पूनिया ने प्रधानमंत्री को एक अभिभावक के रूप में मानते हुए बेहद सहजता के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पिता की यह 'शिकायत' दर्ज कराई। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि भाजपा के भीतर शीर्ष नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के परिवारों के बीच का यह जुड़ाव पार्टी की आंतरिक आत्मीयता को प्रदर्शित करता है।
Updated on:
29 May 2026 02:03 pm
Published on:
29 May 2026 02:01 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
