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सावन में शिव भक्ति का उत्साह: टैटू में त्रिशूल, डमरू और मंत्र गुदवा रहे युवा

Shiv Tattoo Trend In Sawan 2023 : छोटीकाशी में सावन मास में राजधानी की युवा शक्ति देवों के देव महादेव की भक्ति में लीन है। शिवालयों में गूंजते शिवमंत्रों के बीच इन दिनों सर्वाधिक भक्त युवा नजर आ रहे हैं।

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जयपुर

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Nupur Sharma

Jul 27, 2023

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जयपुर। Shiv Tattoo Trend In Sawan 2023 : छोटीकाशी में सावन मास में राजधानी की युवा शक्ति देवों के देव महादेव की भक्ति में लीन है। शिवालयों में गूंजते शिवमंत्रों के बीच इन दिनों सर्वाधिक भक्त युवा नजर आ रहे हैं। तकनीक के युग में सोशल मीडिया की प्रभावी दुनिया में शिवभक्त भक्ति कर रहे हैं। फोन की रिंगटोन और कॉलरट्यून में भी शिवमंत्र सुनाई दे रहे हैं। युवा ललाट पर त्रिपुंड, हाथ से लेकर गर्दन सहित छाती पर शिव का टैटू व श्लोक, मंत्र आदि गुदवाकर शिव के प्रति आस्था व्यक्त कर रहे हैं। मालवीयनगर, सीकर रोड, टोंकरोड, सांगानेर, वैशालीनगर, राजापार्क सहित अन्य जगहों पर 400 से अधिक दुकानें टैटू की है।

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सिटी प्लेस के पास स्थित एक शोरूम की टैटू आर्टिस्ट नीतू श्रीवास्तव ने बताया कि ओेम के साथ ही हर—हर महादेव और महामृत्युंजय मंत्र युवा लिखवा रहे हैं। इसका खर्च 1800 रुपए से लेकर दस हजार रुपए से भी अधिक है। देशी—विदेशी सैलानियों को भी यह रास आ रहा है। इसे बनाने में एक घंटे से अधिक का समय लगता है। युवतियां भी थंब टैटू बनवा रही है। यह ग्रहों की शांति के लिए बनवाया जाता है। बांह और गर्दन के साथ ही पीठ पर टैटू युवा बनवा रहे हैं। नीतू ने बताया कि तीन इंच से लेकर पूरे हाथ पर टैटू निडल से सावधानी से बनाया जाता है। एक टैटू बनाने पर हर निडल को डिस्पोज किया जाता है। इंक भी एक दम खास होती है। साथ ही आस्था का ध्यान रखा जाता है। यह शरीर के लिहाज से नुकसानदायक नहीं है। टेंपररी और परमानेंट दोनों विकल्प हैं।

इनका चलन सबसे अधिक
नीतू श्रीवास्तव ने बताया कि शिव का मेडिटेशन करता हुआ टैटू शांति और सौम्यता का प्रतीक। बीमारी और अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए महामृत्युंजय मंत्र, शिव जी के अलग-अलग स्टाइल में नाम के अलावा शिव जी का रुद्र रूप, त्रिशुल टैटू, ओम, गहरे रंग में महादेव, ओम नम: शिवाय, डमरू सबसे ज्यादा चलन में हैं।

राजापार्क स्थित एक मॉल में टैटू आर्टिस्ट योगिता राठौड़ ने बताया कि सावन मास में आम दिनों के मुकाबले रोजाना आठ से दस युवा अपने शरीर पर शिवभक्ति को दर्शाने के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें महाकाल, डमरू, नामदेवता, त्रिशूल,ओम के साथ ही भोलेनाथ का पोट्रेट आदि शामिल हैं।

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त्रिपुंड में रोली, हल्दी और चंदन का इस्तेमाल किया जाता है। यह तीन शक्तियों को शांति के साथ दर्शाता है। मन आध्यात्मिक बनाता है, जबकि देखने वाले का भी भला करता है। मान्यता है कि किसी की ललाट पर त्रिपुंड देखने से यात्रा सफल होती है।-पं.पुरुषोत्म गौड़, ज्योतिषाचार्य

सांगानेर के शिवभक्त मोहित शर्मा ने कहा कि मन की एकाग्रता के लिए उन्होंने टैटू बनाया है। हमेशा शिवभक्ति का एहसास इससे होता है। नीरज शर्मा ने बताया कि काम के साथ-साथ शरीर में टैटू से एक उर्जा का संचार हमेशा रहता है। शिव आराधना के साथ ही टैटू से दिनभर दिन अच्छा निकलता है।

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