
सावन के पहले सोमवार को करें ये 10 उपाय, भोलेनाथ की बरसेगी कृपा
जयपुर। यूं तो शिव भक्त वर्षभर भगवान भोलेनाथ की पूजा-आराधना करते हैं, लेकिन सावन ( sawan ) में की गई पूजा-आराधना का विशेष फल मिलता हैं। सावन के महीने में प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग पर विशेष वस्तु अर्पित किए जाने का भी शास्त्रों में उल्लेख मिलता है। यदि शिव हर दिन आराधक प्रत्येक सोमवार ( sawan somwar ) को एक मुट्ठी भोग अर्पित करें तो भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होकर उनकी सभी मनोकामना पूर्ण करते हैं। एक मुट्ठी भोग को बोल चाल की भाषा में शिवा मुट्ठी भी कहा जाता है।
एक मुट्ठी भाेग अर्पित करें शिव को
पं. सुरेश शास्त्री ने बताया इस बार सावन में चार सोमवार पड़ रहे है और चारों ही विशेष योग में पड़ रहे हैं। दो सोमवार को नाग पंचमी व दो सोमवार पर सोमप्रदोष ( sompradosh ) का संयोग बन रहा है। ऐसे में शिवा मुट्ठी ( shiva Muthi ) अर्पित करने से विशेष फल मिलेगा। आराधक को प्रात: स्नानादि से निवृत होकर शिवालय ( shivalay ) में जाकर पूजा करनी चाहिए। सावन के प्रथम सोमवार को शिव को एक मुट्ठी चावल, दूसरे सोमवार को सफेद तिल , तीसरे सोमवार खड़े मूंग की मुट्ठी और चौथे सोमवार को जौ की मुट्ठी और यदि किसी सावन में पांच सोमवार हों तो पांचवे सोमवार को सतुआ भगवान शिव को अर्पित करना चाहिएं। यदि सावन में चार सोमवार ही हों तो आखिरी सोमवार को शिव को दो मुट्ठी भोग अर्पित करना चाहिएं। इसके साथ शिव पूजन में शिव के प्रिय कच्चा दूध, भांग, धतुरा, आंक, बिल्व पत्र और श्वेत वस्त्र चढाने से महादेव जल्दी प्रसन्न होते हैं और मनोकामना पूरी करते हैं।
सावन में वार के अनुसार करें भोले बाबा की पूजा
सावन में भगवान शंकर ( bhagwan shankar) को हर दिन प्रिय है इसलिए इस मास में हर दिन उनकी पूजा अलग तरह से करने से फलदायी होती है। वैसे तो ऊं नमं शिवाय मंत्र के साथ शिव नाम ही तमाम तरह के पापों से तारने वाला और परम कल्याणकारी है लेकिन फिर भी वार के अनुसार कार्यसिद्धि के लिए शिव पूजन किया जाए तो विशेष फल की प्राप्ति होती है। सप्ताह के सात दिनों के अनुसार शिव पूजन का फल इस तरह है।
रविवार- पापनाशक
सोमवार- धनलाभ
मंगलवार- स्वास्थ्य लाभ, रोग निवारण
बुधवार- पुत्र प्राप्ति
गुरुवार- आयु कारक
शुक्रवार- इन्द्रिय सुख
शनिवार- सर्व सुखकारी
Published on:
19 Jul 2019 01:20 pm
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