
दलित दूल्हों को घोड़ी से उतारने की घटनाओं पर पहली बार बोले सीएम गहलोत
दूल्हे को घोड़ी से उतारने की घटनाएं कलंक, इन्हें पूरी तरह रोकें - गहलोत
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि वर्तमान समय में छुआछूत और दबंगों की ओर से बिंदोरी के दौरान दूल्हे को घोड़ी से उतारने की घटनाएं मानवता पर कलंक हैं। इन घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए पुलिस विशेष प्रयास करे। गंभीर घटनाओं में नियमानुसार पीड़ित को प्रतिकर स्कीम में तत्काल सहायता उपलब्ध करवाएं। उन्होंने ठगी, ड्रग्स एवं नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार तथा विभिन्न गिरोहों के की ओर से संगठित अपराधों आदि के मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गहलोत शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पुलिस महानिरीक्षक एवं जिला पुलिस अधीक्षकों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।बैठक को गृह राज्यमंत्री राजेन्द्र सिंह यादव ने भी संबोधित किया।
प्रतापगढ़ घटना को लेकर पुलिसिंग की तारीफ
मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ जिले में प्रो-एक्टिव पुलिसिंग के माध्यम से वाहन चोरी की घटनाओं में लिप्त अभियुक्तों के मोबाइल में मिले दुष्कर्म के वीडियो के आधार पर आगे की कार्यवाही करते हुए गिरोह को पकड़ने की सराहना की। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म के मामलों में अनुसंधान समय वर्ष 2018 में 211 दिन था, जो वर्ष 2021 में घटकर 86 दिन रह गया है। पुलिस ने वर्ष 2021 में पॉक्सो एक्ट के 510 प्रकरणों में अपराधियों को सजा दिलवाई है, जिनमें से 4 प्रकरणों में मृत्यु-दण्ड तथा 35 प्रकरणों में आजीवन कारावास की सजा मिली है।
जिन थानों में स्वागत कक्ष नहीं, शीघ्र बनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन थानों में स्वागत कक्ष नहीं है, वहां तत्काल बनाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए जिला पुलिस अधीक्षक स्वागत कक्षों का निरीक्षण करें, ताकि जिस मंशा के साथ इनका निर्माण किया गया है, उसे पूरा किया जा सके।
साइबर क्राइम रोकने के लिए करें नवाचार
गहलोत ने निर्देश दिए कि तकनीक का दुरूपयोग कर किए जाने वाले साइबर एवं आर्थिक क्राइम तथा अन्य अपराधों पर प्रभावी रोकथाम के लिए जिला पुलिस अधीक्षक नवाचार अपनाएं। पुलिस हिरासत में मौतों, दुष्कर्म, बाल अपराध, महिला अत्याचार आदि की घटनाओं को प्राथमिकता एवं गंभीरता से लें।
लापरवाह और भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्यवाही करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि लापरवाह एवं भ्रष्ट कार्मिकों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करें। पुलिस कार्मिक विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी को अंजाम देते हैं। ऐसे में पदोन्नति सहित अन्य सेवा लाभ समय पर मिलने से उनका मनोबल बढ़ता है। जिला पुलिस अधीक्षक यह सुनिश्चित करें कि पुलिस कार्मिकों को पदोन्नति समय पर मिले।
Published on:
28 Jan 2022 11:39 pm
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