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बीनू राजपूत की फिल्म में दिखेगी साइंटिस्ट की जीवनी, पर्यावरणीय चुनौतियाें के साथ मिलेगी प्रेरणा

बीनू राजपूत की डॉक्यूमेंट्री फिल्म "द एक्सपेरीमेंटल इकोलॉजिस्ट" जो पारिस्थिति की विज्ञानी (Ecologist) के गहन शोधयात्रा पर आधारित है। फिल्म परिस्थिति विज्ञान शास्त्री प्रोफेसर रविंदर कुमार कोहली के करियर पर प्रकाश डालती है। उनके अभूतपूर्व शोध और वैज्ञानिक समुदाय और उससे परे उनके काम के महत्वपूर्ण प्रभाव पर प्रकाश डालती है।

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जयपुर। कला, संस्कृति और साहित्य क्षेत्र पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने के बाद बीनू राजपूत नई फील्ड में हाथ जमा रही हैं। वे नई डॉक्यूमेंट्री फिल्म "द एक्सपेरीमेंटल इकोलॉजिस्ट" जो पारिस्थिति की विज्ञानी (Ecologist) के गहन शोधयात्रा पर आधारित है। इस फिल्म का निर्देशन बीनू राजपूत ने किया है और निर्माण बीनू राजपूत फिल्म्स ने किया है।

"द एक्सपेरीमेंटल इकोलॉजिस्ट" ज्ञानवर्धक फिल्म है, जो परिस्थिति विज्ञान शास्त्री प्रोफेसर रविंदर कुमार कोहली के करियर पर प्रकाश डालती है। उनके अभूतपूर्व शोध और वैज्ञानिक समुदाय और उससे परे उनके काम के महत्वपूर्ण प्रभाव पर प्रकाश डालती है।

फिल्म डॉ. कोहली की शुरुआती शैक्षणिक चुनौतियों का वर्णन करती है। नौकरशाही बाधाओं को दूर करने और प्लांट बायोकेमिस्ट्री में अपना स्थान सुरक्षित करने के लिए उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। अपने लगातार प्रयासों के माध्यम से आज उन्हें वो पहचान मिली, जिसके वे हकदार हैं। वह प्रमुख गुरुओं के तहत विभिन्न शोध परियोजनाओं पर काम करते हैं, जिससे अंततः प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर और पारिस्थितिक अंतःक्रियाओं के अध्ययन में उनका महत्वपूर्ण योगदान होता है।

मुख्य आकर्षणों में डॉ. कोहली का अमरंथस पौधे के पोषण और पारिस्थितिक मूल्य पर अग्रणी कार्य शामिल है, जिसे "अमरपौधा" के रूप में जाना जाता है, जो चुनौतीपूर्ण वातावरण में पनपता है। उनका शोध पौधे की लचीलापन पर जोर देता है, जो वैज्ञानिक अन्वेषण के लिए आवश्यक गुणों के समानांतर है।

कथा में आक्रामक प्रजातियों के अध्ययन के लिए उनके अभिनव दृष्टिकोण और घास में पाए जाने वाले पार्थेनन जैसे विषैले यौगिकों के पारिस्थितिक प्रभावों को कम करने के उनके प्रयासों को भी शामिल किया गया है। साक्षात्कारों और अभिलेखीय फुटेज के माध्यम से वृत्तचित्र डॉ. कोहली के तरीकों और पर्यावरणीय स्थिरता पर उनके शोध के व्यापक निहितार्थों को दर्शाता है।

फ़िल्म निर्माता बीनू राजपूत ने बताया, “द एक्सपेरी मेंटल इकोलॉजिस्ट” न केवल डॉ. कोहली की विरासत के प्रति एक श्रद्धांजलि है, बल्कि यह एक प्रेरणादायक कहानी भी है। फिल्म में दिखेगा कि वैज्ञानिक समर्पण से परिवर्तनकारी खोजों और दुनिया की कुछ सबसे गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान निकल सकते हैं। बहुत जल्द ये डॉक्यूमेंट्री रिलीज़ होने वाली है।

आईडीपीए राष्ट्रीय रजत पुरस्कार विजेता हैं राजपूत

बीनू राजपूत दिल्ली की रहने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता भारतीय फिल्म निर्माता हैं, जो डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के लिए जानी जाती हैं। हाल ही उनकी एक फिल्म ने आईडीपीए राष्ट्रीय रजत पुरस्कार जीता है। डेढ़ दशक से वे फिल्मों और अन्य विभिन्न माध्यमों और मंचों के माध्यम से भारतीय कला, संस्कृति, साहित्य और स्वास्थ्य को लगातार बढ़ावा दे रही हैं।