
वैज्ञानिकों को ऑस्ट्रेलिया के एक रेगिस्तान के बीचों-बीच करोड़ों साल पुरानी मूंगा चट्टान (कोरल रीफ) मिली है। समुद्र की गहराइयों में पाई जाने वाली ऐसी चट्टानें प्राचीन इतिहास को समझने में मददगार साबित होती रही हैं।दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के जिस नुलरबोर मैदान में यह चट्टान मिली है, वह चूना पत्थर की चट्टानों वाला 1.20 लाख स्क्वायर किलोमीटर का रेगिस्तान है।
यह रेगिस्तान 1.4 करोड़ साल पहले सेनोजोइक काल में महासागर के नीचे था। मूंगा चट्टान भी उसी काल की बताई जा रही है। पर्थ की कर्टिन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों में इसे देखा। शोध के सह-लेखक मिलो बरहम के मुताबिक नुलरबोर मैदान में मौसम और क्षरण प्रक्रियाओं से बड़ा बदलाव नहीं आया है। इतिहास को समझने की यह सबसे अच्छी जगह है।
कैसा है कोरल रीफ...
जर्नल अर्थ सरफेस प्रोसेस एंड लैंडफॉर्म्स में प्रकाशित शोध पेपर के मुताबिक मूंगा चट्टान की संरचना गोल है और यह बाकी सतह से ऊंची है। इसके बीच में गुंबद जैसी आकृति है। यह निशाने के लिए इस्तेमाल होने वाली बुल्स आई की तरह दिखती है। संरचना का व्यास 3,950 से 4250 फीट है। ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने सैटेलाइट तस्वीरों में देखी मूंगा चट्टान ।
कभी समुद्र में डूबा था रेगिस्तान
बरहम ने बताया कि हाई रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों में हमने इमेजरी और फील्डवर्क के जरिए लाखों साल से संरक्षित मूल समुद्री संरचना के अवशेष की पहचान की है। ऑस्ट्रेलिया का ज्यादातर हिस्सा आज सूखा है। लाखों साल पहले ऑस्ट्रेलिया जंगलों और समुद्रों से घिरा था। इनमें वह महासागर भी था, जिसमें नुलरबोर मैदान डूबा रहता था।
Published on:
12 Sept 2022 05:17 pm
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