
जयपुर। आमजन को पीने का पानी उपलब्ध कराने वाले जलदाय विभाग की दो तस्वीरें बीते मंगलवार को नजर आई। एक तरफ विभाग के मंत्री जल भवन में बैठकर विभाग की उपलब्धियां गिनाते रहे वहीं दूसरी तरफ मुख्यालय भवन के गेट तक पीने के पानी का इंतजाम करने पहुंची एक महिला को सिक्योरिटी गार्ड ने डंडा फटकार कर रवाना कर दिया। घटना ने मुखिया मंत्री के दावों की मानों धज्जियां उड़ाकर रख दी। बीते मंगलवार को जल भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में जलदाय मंत्री सुरेंद्र गोयल ने राज्य सरकार के चार साल के कार्यकाल में विभाग की उपलब्धियों का जमकर बखान किया।
एक तरफ मंत्री ने विभाग के अफसरों की पीठ थपथपाई तो दूसरी तरफ जल भवन में सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे सिक्योरिटी गार्डों ने भवन से पीने के पानी का जुगाड़ करने पहुंची एक आम महिला को मुख्यालय के निकास वाले गेट पर ही रोक दिया। उक्त महिला ने गार्ड से लाख मिन्नतें की लेकिन गार्ड ने जलदाय मंत्री की बैठक का हवाला देकर महिला को मेनगेट पर ही रोक दिया। कार्यालय परिसर में लगे नल से पानी भरने के आग्रह पर भी गार्ड का दिल नहीं पसीजा उलटा आदेश नहीं मानने पर सख्ती बरतने की बात कहकर फटकारते हुए रवाना कर दिया।
बैठक में जलदाय मंत्री ने साधी चुप्पी -
पत्रकार वार्ता में जलदाय मंत्री ने राज्य की जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं में जांचे गए पानी के नमुनों के आकंड़े पेश किए लेकिन जांचे गए नमुनों में से कितने फेल हुए इसका जवाब मंत्री से देते नहीं बना। उन्होने कहा कि उनके पास जांच में फेल हुए नमुनों के आकंड़े नहीं है। ऐसे में विभाग के प्रमुख शासन सचिव रजत कुमार मिश्र ने सवालों का जवाब दिया।
निजी फर्म को दिया ठेका मंत्री बेखबर जयपुर स्थित स्टेट रेफरल सेंटर लेबारेट्री ने पिछले सप्ताह प्रदेश के बीस जिलों में पानी सैंपलों की जांच का काम एक निजी कंपनी को दिया है। निजी कंपनी पहले चरण में बीस जिलों में मोबाइल वाटर टेस्टिंग लेबारेट्री से पानी सैंपलों की जांच करेगी। निजी फर्म को दिए वर्कआॅर्डर के मामले में जलदाय मंत्री सुरेंद्र गोयल बंगले में झांकने लगे। सवाल पर मंत्री हकबका गए तो प्रमुख शासन सचिव रजत कुमार मिश्र ने दिए गए वर्कआॅर्डर की विस्तार से जानकारी दी।
Published on:
06 Dec 2017 12:59 pm
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