
पटाखा लाइसेंस जारी करने के दौरान नियमों की पालना का दंभ भरने वाली पुलिस नाकारा साबित हो रही है। शहर में दुकानदार पटाखों को दुकानों के बाहर सजावटी सामान की तरह सजा कर बेच रहे है। हल्की सी चिंगारी बड़ी हादसे को जन्म दे सकती है। पटाखा बिक्री के दौरान सुरक्षा नियमों की अवहेलना की जा रही है। इसके अलावा आवासीय भवनों व कई स्थानों पर पेट्रोल पम्प से चंद दूरी पर पटाखों की दुकानें चल रही है। लेकिन पटाखा लाइसेंस जारी करवाने में अहम भूमिका निभाने वाले थानाधिकारी से लेकर डीसीपी तक नियमो की पालना पूरी तरह से नहीं करवा पा रहे है।
पटाखों के लाइसेंस देने से पूर्व पुलिस ने दुकानदारों ने एक दर्जन से अधिक नियमों के पालना शर्त पर हस्ताक्षर करवाया था। इन नियमों में खुले में आवासीय भवन में पटाखा बिक्री पर न करने, पेट्रोल पम्प व ज्वलनशील पदार्थ वाले स्थानों से दुकान की दूरी करीब 15 मीटर की दूरी हो, खुले में पटाखा न सजाया जाए, तहखाने में पटाखों की दुकान न खोली जाए, गली व सकरी सड़कों पर पटाखों की दुकान नहीं होनी चाहिए। दुकानों के बाहर पटाखों को नहीं रखा जाए। पटाखा लाइसेंस जारी करने से पहले दुकानदारों ने नियमों की पालना शर्ता पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन नियमों की पालना लाइसेंस के तय नियमों पर दुकानदारों के सही होने की रिपोर्ट पर थानाधिकारी से लेकर डीसीपी तक ने साइन किए थे। इसी आधार पर कमिश्नरेट पुलिस ने डीसीपी की जिम्मेदारी तय करते हुए दुकानदारों को लाइसेंस जारी किए थे।
जयपुर शहर में पटाखा लाइसेंस के लिए 1900 आवेदन आए थे इनमें से पात्र पाएं गए 1615 दुकानदारों को लाइसेंस जारी किए गए। लेकिन इनमें से कुछ नियमों का पालन दुकानदार नहीं कर रहे हैं। उधर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों का कहना है कि कुछ दुकानदारों की शिकायत मिली है। कुछ पर कार्रवाई भी की गई है। कार्रवाई करने का सिलसिला जारी है। एडिशनल डीसीपी लाइसेंस व लीगल सेल जगदीश ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल ज्यादा दुकानदारों को लाइसेंस जारी किए गए। लाइसेंस जारी करने से पूर्व दुकान की सुरक्षा व अन्य नियम पालना की जिम्मेदारी थानाधिकारी से डीसीपी तक ने हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद ही लाइसेंस जारी किए गए थे। सुरक्षा नियमों की पालना करवाने की जिम्मेदारी थाना पुलिस की है।
Published on:
19 Oct 2017 11:10 am
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