1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दस सितंबर को प्रस्तावित भारत बंद को लेकर सचिन पायलट ने पार्टी पदाधिकारियों को दिए ये निर्देश..

https://www.patrika.com/rajasthan-news/

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

rohit sharma

Sep 08, 2018

September 10 bharat band congress

दस सितंबर को प्रस्तावित भारत बंद को लेकर सचिन पायलट ने पार्टी पदाधिकारियों को दिए ये निर्देश..

जयपुर।

कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों की ओर से मंहगाई सहित अन्य मुद्दों को लेकर दस सितंबर को प्रस्तावित भारत बंद की तैयारियों के लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक ली। इसमें कहा गया कि बंद शांतिपूर्ण तरीके से कराना है। इसके लिए व्यापारी व पेट्रोल-डीजल पंप संचालकों से वार्ता कर बंद के लिए तैयार करेंगे। पायलट ने निर्देश दिए कि बंद में अन्य विपक्षी दलों के साथ सामाजिक संगठन व एनजीओं की भी मदद ली जाए।

जिलाध्यक्ष प्रेसवार्ता कर कार्यक्रम की देंगे जानकारी
पायलट ने कहा कि शनिवार को सभी जिलों में अध्यक्ष प्रेसवार्ता कर कार्यक्रम की जानकारी मीडिया को देंगे। अगले दिन 9 सितम्बर को सभी जिलों में जिला प्र्रभारी बैठक लेकर जिले में बंद को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा करेंगे। पायलट ने कहा कि पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की दरों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि से आम व्यक्ति परेशान हैं। ऐसे में बंद में कांग्रेस और सभी अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता को पूरी भागीदारी निभानी है।

जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है
सचिन पायलट ने कहा कि भाजपा मंहगाई कम करने के वादे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन दुर्भाग्य है कि अन्तराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों के कम होने के बावजूद आम जनता को पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस बेतहाशा बढ़े दामों पर मिल रहे हैं, जिससे जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

भारत बंद को सफल बनाने में सहयोग का अनुरोध

10 सितबर को सभी व्यापारिक संगठनों, ट्रेड यूनियन, समाजसेवी संस्थाओं व सभी प्रबुद्धजनों से अनुरोध किया जाएगा कि जनहित में भारत बंद को सफल बनाने में सहयोग करें। जिससे निरंकुश भाजपा सरकार पर उक्त पदार्थों की कीमतों को कम करने तथा पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने का दबाव बनाया जा सके। राज्य सरकार को टैक्स कम करने के लिए बाध्य किया जाएगा।