जयपुर में राजस्थान के पूर्व मुख्य सचिव विपिन बिहारी लाल माथुर के बेटे, बहू और पोते को घर के नौकर ने खाने में बेहोशी की दवा मिलाकर सोने चांदी के जेवर और नकदी चुरा लिए। जेवर और नकदी चुराने के बाद आरोपी फरार हो गया। गुरुवार सुबह घर की नौकरानी काम करने पहुंची तो तीनो बेसुध मिले। शोर मचान पर पुलिस ने उन्हें एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया जहां उनका उपचार चल रहा है।
डीसीपी ईस्ट ज्ञानचंद यादव ने बताया कि पूर्व मुख्य सचिव विपिन बिहारी लाल माथुर के बेटे संजीव माथुर, पत्नी कंचन माथुर और गौरव माथुर ने बिलासपुर निवासी पूरण को घर पर नौकर के काम के लिए रखा था। बुधवार रात पूरण ने खाने में बेहोशी की दवा मिला दी। खाना खाने के बाद सभी लोग बेहोश हो गए तो पूरण ने घर में रखे सोने चांदी के जेवर और नकदी चुरा लिए और उन्हें लेकर फरार हो गया। सुबह नौकरानी काम के लिए घर पहुंची तो पूरा परिवार अचेत पड़ा हुआ था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और 108 एंबुलेंस की मदद से तीनों अचेत अवस्था में पड़े हुए लोगों को एसएमएस अस्पताल लेकर पहुंची। जहां पर उपचार शुरू किया गया। नौकर पूरण की तलाश में पुलिस टीमें रवाना कर दी गई है। गौरतलब है कि विपिन बिहारी लाल माथुर मार्च 1986 से लेकर जनवरी 1992 तक राजस्थान के मुख्य सचिव रहे थे।
नौकर के वेरीफिकेशन की चल रही थी जांच
थानाप्रभारी सुरेश यादव ने बताया कि डेढ़ महीने पहले नौकर बिलासपुर निवासी पूरण को घर पर काम के लिए रखा था। बिलासपुर में नौकर के वेरीफिकेशन की जांच चल ही रही थी कि इसी दौरान वारदात कर नौकर फरार हो गया।