
She News - प्रिजर्वेटिव फ्री चॉकलेट बनाना सिखा रहीं आरती
जरूरतमंदों को रोजगार मिल सके और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इसी उद्देश्य को लेकर काम कर रही हैं आरती साहनी जो एक एंटरप्रेन्योर हैं। वह न केवल चॉकलेट बनाती हैं बल्कि देश विदेश के लोगों को इसे ब नाना भी सिखाती हैं। वे कहती हैं कि सोचा नहीं था कि जो काम मैं कर रही हूं उससे दूसरों को भी फायदा दिलवा सकूंगी लेकिन जब इस ओर कदम बढ़ाए तो सब होता चला गया। ये कहना है एंटरप्रेन्योर आरती साहनी का, जो वुमन अपलिफ्टमेंट के लिए भी काम कर रही हैं। वह न केवल चॉकलेट बनाती हैं बल्कि देश-विदेश के लोगों को इसे बनाना भी सिखा रही हैं। खास बात यह है कि वह इसमें प्रिजर्वेटिव यूज नहीं करती। ऐसी महिलाएं और अन्य लोग जो जरूरतमंद हैं उन्हें आरती बेहद कम शुल्क पर यह सिखा रही हैं। आज कई महिलाएं उनसे सीखकर अपना काम कर रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता की ओर से अपना कदम बढ़ा चुकी हैं, जिससे उनके परिवार को सहारा मिल रहा है और अपने वह परिवार को संबल दे रही हैं।
बीन्स टू बार है टारगेट
उनका अपना एक यूट्यूब चैनल भी है। वे कहती हैं कि जब भी कोई उन्हें कहता है कि वह उनकी क्लास लेना चाहता है लेकिन शुल्क नहीं हैं तो वह उससे शुल्क नहीं लेती। आरती कहती हैं अब उनका टारगेट बीन्स टू बार है। यानी बीन्स के प्रोडक्शन से लेकर चॉकलेट के निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया वह अपने स्तर पर कर सकें।
उनका कहना है कि इससे न केवल जरूरतमंदों को रोजगार मिल सकेगा बल्कि ब्रांडेड कम्पनियों से प्रतिस्पद्र्धा करना आसान होगा। वे कहती हैं कि अधिकांश लोग ब्रांडेड कम्पनी के प्रोड्क्ट्स ही लेना पसंद करते हैं जबकि कई कम्पनियों के चॉकलेट में प्रिजर्वेटिव होते हैं और वह महंगे भी हैं लेकिन आमजन में आज भी इसे लेकर जागरुकता का अभाव है। परिवार और काम के बीच बैलेंस को लेकर आरती कहती हैं कि परिवार के सपोर्ट से ही सब संभव हो पाता है। उनकी बेटी अभी 14 माह की है, जरूरत पडऩे पर वे ब्रेक भी लेती हैं। आरती पत्रिका की 40 अंडर 40 अचीवर्स भी हैं।
Published on:
08 Mar 2024 08:38 am
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